अलीगढ़ शहर में 1 सितंबर को हुई बरसात ने पिछले कई साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। एक ही दिन में 220 मिलीमीटर (एमएम) बारिश दर्ज की गई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शहर का कोई इलाका ऐसा नहीं था जहां आसानी से पहुंचा जा सके। रामघाट रोड पर तो नाव चल गई। कई जगह तो घर और मकानों में पानी घुस गया। बिजली घर, मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल पानी से घिरे रहे।
जल निकासी के लिए मोबाइल पंप सेट और सीवर मशीन लगाई गई हैं। जलकल विभाग और निर्माण विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। - प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त
लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित
31 अगस्त रात 2 बजे से सोमवार सुबह 8 बजे तक लगातार तेज बारिश हुई। सुबह 10 बजे दो घंटे के लिए बारिश रुकी, लेकिन दोपहर 12 बजे से फिर शुरू हो गई, जो देर रात 8 बजे तक जारी रही। इस भारी बारिश के कारण शहर की प्रमुख सड़कों जैसे रामघाट रोड, क्वार्सी और रेलवे रोड पर दो से तीन फीट तक पानी भर गया। कई वाहन पानी में फंस गए और रामघाट रोड पर गड्ढों के कारण कई बाइक सवार चोटिल हो गए।
व्यापारियों को लाखों का नुकसान
शहर के बाजारों, खासकर रामघाट रोड, क्वार्सी और रेलवे रोड की दुकानों और बेसमेंट में पानी भर गया। इस कारण व्यापारियों और दुकानदारों को लाखों रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा। शहर के सासनीगेट एडीए कालोनी, शाहजमाल, महेंद्र नगर, भुजपुरा, जीवनगढ़, रजानगर, डोरीनगर, रावणटीला, सुरेंद्र नगर, देवी नगला, एलमपुर, बरौला, आईटीआई रोड, नीबरी, पला रोड, भदेसी रोड, राम नगर, अनूपशहर रोड, भगवानगढ़ी, मंजूरगढ़ी, जमालपुर, हमदर्दनगर, रियाज कालोनी, कबीर कालोनी, पटवारी नगला, 24 फुटा, मौलाना आजादनगर, धौर्रामाफी, महफूजनगर, सुरेंद्रनगर, स्वर्ण जयंती नगर, अवंतिका फेस एक, ज्ञान सरोवर, मान सरोवर, शताब्दीनगर आदि मोहल्लों में पानी भर गया।