यमुना में एक बार फिर से जलस्तर बढ़ गया है। टप्पल क्षेत्र के ग्रामीण इससे चिंतित हैं। उन्हें अब फिर से बाढ़ आने का खतरा सता रहा है। दिल्ली में यमुना के खतरे के निशान को पार करने से टप्पल में तटीय इलाके वाले गांवों के ग्रामीणों के साथ ही प्रशासनिक अफसरों की चिंता बढ़ गई है। एडीएम वित्त एवं राजस्व मीनू राणा ने बताया कि हथिनी कुंड से ओखला बैराज में करीब ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालात पर नजर रखी जा रही है। यमुना में खतरे के निशान 200.600 के सापेक्ष जलस्तर 198.75 मीटर पर व गंगा में जलस्तर 178.785 के सापेक्ष 178.11 पर जा पहुंचा है। बाढ़ चौकियों के जरिए दोनों ही नदियों के जल स्तर को लेकर पूरी निगरानी की जा रही है।
इधर, टप्पल में यमुना की बाढ़ से हालात सामान्य नहीं हो पा रहे हैं। जिससे ग्रामीणों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पशुओं के बीमार होने के साथ ही चारे का संकट बना हुआ है। गांवों में बुखार, खांसी के अलावा आंखों में फ्लू की समस्या हो रही है। सबसे अधिक खराब स्थिति महाराजगढ़, शेरपुर, पखोदना, किशनगढ़, नगला अमर सिंह आदि गांवों की है। यहां एक-दूसरे गांवों से संपर्क टूट चुका है। एसडीएम खैर मोहम्मद अमान ने बताया कि राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है। फसलों को हुए नुकसान का भी सर्वे कराया जा रहा है।