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दो साल से एक हजार लोग जूझ रहे पानी की समस्या से

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श्रीनगर कॉलोनी में खराब नल को दिखातीं स्थानीय महिलाएं । - फोटो : CITY OFFICE
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रामबाग कॉलोनी के पास स्थित श्रीनगर कॉलोनी के एक हजार लोग पिछले दो साल से साफ पानी के लिए तरस रहे हैं। यह क्षेत्र अभी नगर निगम की सीमा में शामिल नहीं है।
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श्रीनगर कॉलोनी के लोगों का कहना है कि दो साल पहले इस इलाके में अमृत योजना के तहत पानी की पाइप लाइन डाली गई थी, जिसमें अभी तक पानी नहीं आया है। नई टंकी से पाइप लाइन को जोड़ा नहीं गया है। पानी की आपूर्ति के लिए कुछ लोगों ने अपने घरों में सबमर्सिबल लगवा रखे हैं। इन घरों पर ही अन्य लोग पानी के लिए निर्भर हैं। कुछ लोग दूसरों मोहल्लों से जाकर पानी लाते हैं। इलाके में चार सरकारी हैंडपंप हैं, जिनमें से दो खराब हैं।
यह है स्थिति
- कॉलोनी की आबादी एक हजार।
- जलस्तर 200 से 250 फुट।
- कॉलोनी में चार सरकारी हैंडपंप हैं, दो खराब हैं।
- कॉलोनी में सरकारी सबमर्सिबल या ट्यूबवेल पंप नहीं।
- टीडीएस 500 से 700 है। पीने लायक पानी का टीडीएस 150 तक होना चाहिए।
वर्जन
श्रीनगर कॉलोनी वार्ड 42 से सटा हुआ इलाका है। कॉलोनी में दो साल पहले नई पाइप लाइन डाली गई है। अभी नई टंकी से उसे जोड़ा नहीं गया है। इसलिए दिक्कत है। नगर निगम के नए परसीमन में इसे शामिल करने का प्रयास है।
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- विजय तोमर, पार्षद वार्ड 42
दो साल पहले यहां नई पाइपलाइन डाली गई थी। लेकिन पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई। पानी की बहुत दिक्कत है। - कमलेश देवी
कॉलोनी में सरकारी हैंडपंप खराब पड़े हैं। आसपास के मोहल्ले से पानी लाना पड़ता है। कॉलोनी के लोग काफी परेशान हैं। - कुसुम
नगर निगम में कॉलोनी शामिल नहीं है। वोट मांगने के लिए जनप्रतिनिधि आते हैं। लेकिन परेशानी पूछने कोई नहीं आता। - कांति देवी
साफ पानी के लिए सबमर्सिबल वाले घरों पर निर्भर हैं। पानी की सबसे ज्यादा किल्लत यहीं पर है, शिकायत पर सुनवाई नहीं है। - लक्ष्मी
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