अलीगढ़ के मडराक रजबहा में 20 वर्ष बाद पानी आ गया है। कीचड़, गाद, घास और जलकुंभी आदि उगने से इसमें पानी का बहाव नहीं हो पा रहा था। इस समस्या को दूर करने के लिए इसका जीर्णोद्धार कराया गया है।
मडराक रजबहा इगलास के गांव मूसेपुर स्थित अमरपुर रजबहा के किमी 15.500 से निकलता है। इसकी टेल गांव पूरनमल मडराक तहसील कोल में है। इसका निर्माण वर्ष 1991 में मध्य गंगा नहर परियोजना फेज-1 में हुआ था। लगभग 20 किलोमीटर लंबे इस रजबहा में 135 क्यूसेक यानी लगभग 38,227 लीटर पानी प्रति सेकंड बहता है। इससे लगभग पांच हजार हेक्टेयर कृषि भूमि की खरीफ के सीजन में सिंचाई होती है।
मडराक रजबहा की मरम्मत तीन चरणों में की गई। पहला चरण शुरुआती पांच किमी तक रहा, दूसरा किमी नंबर 9.450 से 10.450 तक है। तीसरा किमी नंबर 17.750 से 19.750 तक है। मरम्मत के बाद पानी का बहाव ठीक हो गया है। गंगा संगठन के मार्गदर्शन में अलीगढ़ खंड गंगा नहर ने यह जीर्णोद्धार कराया है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन राजेंद्र कुमार ने बताया कि रजबहा में टेल तक पानी पहुंचने से लगभग 10 हजार किसानों की सिंचाई की समस्या दूर हुई है।
गोपालपुर रजबहा में पहुंच पानी
मडराक रजबहा की टेल से ही गोपालपुर रजबहा निकला है, जिसकी लंबाई 19 किमी है। इसमें पानी का बहाव 60 क्यूसेक यानी लगभग 1700 लीटर प्रति सेकंड है। गोपालपुर रजबहा के टेल भाग से मडराक माइनर निकली है, जिसके किमी .550 से नोहटी माइनर निकलती है। जिसकी लंबाई 2.900 किमी है। इन तीनों में भी पानी बहने लगा है।