तीन अप्रैल की रात कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला मोहन में अपने खेत पर सो रहे किसान पदम सिंह की गोली मारकर की गई हत्या में पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ा है। पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उक्त लोग पदम सिंह की कीमती जमीन को सस्ते में खरीदना चाहते थे। जमीन पर मिलने पर हत्या की।
जनपद मथुरा के थाना हाइवे के गांव नवादा निवासी पदम सिंह (50) की सासनी रोड स्थित गांव नगला मोहन में तीन अप्रैल की रात करीब दो बजे सीने में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के पुत्र अमित कुमार ने चंद्रपाल समेत उसके बेटों दिनेश कुमार व राजकुमार के विरुद्ध हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने चंद्रपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
कोतवाल रिपुदमन सिंह ने बताया कि घटना की जांच के दौरान नगला मोहन निवासी मुकेश कुमार, सुरेश कुमार, राजकुमार उर्फ बंटी, अजय कुमार व बबलू का नाम प्रकाश में आया था। आरोपियों ने चंद्रपाल के साथ मिलकर पदम सिंह की हत्या की थी। यह लोग करीब 30 लाख रुपये में पदम सिंह की जमीन को खरीदना चाहते थे।, जबकि जमीन की कीमत करीब 50 लाख रुपये है। पदम सिंह ने उनकी बात नहीं मानी, जिस पर उनकी हत्या कर दी थी। इस वारदात का मास्टर माइंड मुकेश है। वह गांव का प्रधान भी रह चुका है। जांच में दिनेश व राजकुमार घटना में नहीं पाए गए। मुकेश, सुरेश, बंटी, अजय को बृहस्पतिवार की रात करीब 10:30 बजे सासनी रोड डबल नहर पुल से गिरफ्तार किया था। मुकेश व सुरेश के पास से एक-एक तमंचा व कारतूस भी बरामद हुआ। न्यायालय के आदेश पर चारों को जेल भेज दिया गया है।
चंद्रपाल ने ही पदम सिंह को बेची थी जमीन, फिर नीयत में आ गया खोट
किसान पदम सिंह का पुत्र अमित कुमार और हत्या का मुख्य आरोपी चंद्रपाल का पुत्र अमित कई साल से एनसीआर में साथ रहकर नौकरी कर रहे थे। इसी परिचय के चलते पदम सिंह ने चंद्रपाल से तीन बार में 15 बीघे कृषि भूमि खरीदी थी। इस भूमि को बाद में चंद्रपाल ही पट्टे पर लेकर खेती कर रहा था। बाद में उसकी नीयत में खोट आ गया और जमीन को हड़पने के लिए उसने न्यायालय में वाद दायर कर दिया। इससे दोनों के बीच दरार आ गई। इसके बाद किसान पदम सिंह अपनी मां मंती देवी के साथ गांव में ही रहने लगे थे।