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Lok Sabha Election: ईवीएम की खराबी, गर्मी और बहिष्कार से छर्रा-इगलास में कम हुआ मतदान

Wed, 08 May 2024 03:49 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

सुबह वोटरों में कुछ उत्साह दिखा और पहले मतदान बाद में काम का नारा साकार होता दिखा।  जैसे-जैसे धूप परवान बढ़ने लगी और तेज गरमी होने लगी। वैसे ही मतदान केंद्रों पर भीड़ कम होने लगी। 11 बजे के बाद तो अधिकांश बूथों पर सन्नाटा हो गया। इसके बाद तीन बजे तक इक्का-दुक्का मतदाता की आवाजाही दिखी।
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कौडियागंज सिविलियन उच्च माध्यमिक विद्यालय में हाथरस लोकसभा चुनाव में वोट डालने के लिए लगी लाइन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हाथरस संसदीय क्षेत्र में 7 मई को मतदान शांतिपूर्वक ढंग से निपट गया। हाथरस में शामिल अलीगढ़ जिले के दो विधानसभा क्षेत्रों छर्रा और इगलास में मतदान के प्रति लोगों में नीरसता दिखी। चार अन्य कारणों से मतदान प्रभावित हुआ। इसीलिए दोनों विधानसभा क्षेत्रों में शाम छह बजे तक महज 55.95 फीसदी मतदान हुआ।

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दोनों विधानसभा क्षेत्रों में सुबह से दोपहर तक 57 मतदेय स्थलों की ईवीएम खराब हो गईं। इस वजह से मतदान शुरू होने में देरी हुई। इससे कतारों में लगे मतदाता खीझ कर वापस घर चले गए। प्रशासनिक अफसरों ने टीमों को भेज कर वैकल्पिक मशीनों से मतदान शुरू कराया। कई जगह मतदाता पर्ची से लोगों के नाम गायब मिले, वे भी निराश होकर लौट गए। 12 गांवों में अलग-अलग कारणों से मतदान का बहिष्कार हुआ। कहीं सड़क नहीं बनने, कहीं पुल नहीं बनने, कहीं विकास कार्य नहीं होने, बिजली कटौती से मतदाताओं ने मतदान का बहिष्कार किया। इधर, दिन भर रही तेज धूप ने भी असर दिखाया। इन चार कारणों से मतदान प्रभावित हुआ।
 
इस दौरान लोधा ब्लाक के ल्हौसरा पोलिंग बूथ पर तपती धूप में वोट डालने आई बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। तेज धूप की वजह से दोपहर के समय अधिकांश बूथों पर सन्नाटा देखने को मिला। देर शाम ईवीएम में दस प्रत्याशियों का भाग्य कैद हो गया। इसके बाद ईवीएम धनीपुर मंडी परिसर के स्ट्रांग रूम में जमा करा दी गईं। 
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सुबह सात बजते ही हाथरस लोकसभा सीट के लिए जिले के दो विधानसभा क्षेत्रों क्रमश: इगलास व छर्रा में मतदान शुरू हो गया। दोनों क्षेत्रों में कुल 7,77,137 मतदाताओं के लिए कुल 895 पोलिंग बूथ बनाए गए थे। छर्रा में 3,81,598 मतदाता हैं, जबकि इगलास में 3,95,539 मतदाता हैं। सुबह वोटरों में कुछ उत्साह दिखा और पहले मतदान बाद में काम का नारा साकार होता दिखा।  जैसे-जैसे धूप परवान बढ़ने लगी और तेज गरमी होने लगी। वैसे ही मतदान केंद्रों पर भीड़ कम होने लगी। 11 बजे के बाद तो अधिकांश बूथों पर सन्नाटा हो गया। इसके बाद तीन बजे तक इक्का-दुक्का मतदाता की आवाजाही दिखी। साढ़े तीन बजे के बाद मतदाताओं की संख्या बढ़ी। मतदान केंद्रों के आसपास लगने वाले राजनीतिक पार्टियों के बिस्तरों पर भी लोगों की कमी रही।

वायरलैस पर दी बधाई

दिन भर हुए मतदान के दौरान डीएम विशाख जी, एसएसपी संजीव सुमन पूरे अमले के साथ भ्रमण करते रहे और स्थिति का जायजा लेते रहे। शाम को शांतिपूर्वक मतदान के बाद डीएम व एसएसपी ने पूरी टीम को वायरलेस के जरिये बधाई दी और जनता का भी शांतिपूर्वक मतदान में सहयोग के लिए आभार जताया।

विद्या मंदिर से उतरवाए गए योगी-मोदी के पोस्टर
इगलास क्षेत्र के शहरी इलाके में जलालपुर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर बूथ पर उस समय हंगामा हो गया। जब वहां श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान लगाई गई प्रदर्शनी से जुड़े योगी-मोदी के फोटो लोगों ने देख लिए। उन्होंने इन फोटो का विरोध करते हुए उन्हें हटवाया। उन्होंने प्रशासनिक मशीनरी पर आरोप लगाया कि लापरवाही के चलते आचार संहिता में ये पोस्टर क्यों नहीं हटवाए गए। बाद में उन्हें हटाकर लोगों को समझाकर शांत किया गया।

वृद्ध महिला मतदान से पहले बेसुध, हुई मौत
धूप हल्की होने पर चार बजे करीब गांव ल्हौसरा की अस्सी वर्षीय बुजुर्ग महिला रामा देवी अपने बेटे कृपाल सिंह संग मतदान करने पहुंचीं। जहां कतार लगी थी। महिला को इंतजार करना पड़ा। इसी बीच वह वोट डालने से पहले ही बेहोश होकर गिर गईं। उन्हें वहां मौजूद स्टाफ ने तत्काल बेटे के साथ उन्हें अस्पताल भिजवाया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उनकी मौत का कारण गरमी में ही बेसुध होना माना गया है। परिजन महिला का शव घर साथ ले गए।

12 गावों में विरोध से अफसर रहे परेशान
आठ बजे के आसपास से दोनों विधानसभा क्षेत्रों के 12 गांवों से मतदान बहिष्कार की खबरें आना भी शुरू हो गई। विकास कार्य नहीं होने, कहीं सडक़ तो कहीं पुल को लेकर और कहीं पशु चोरी या बिजली कटौती से गुस्साए लोगों ने विरोध किया। इगलास क्षेत्र के नगला वीरा, मुकुंदपुर, सरकोरिया, नगला पूरना, कान चिरौली, नदरौई व छर्रा क्षेत्र के गांव मिर्जा चांदपुर,धोराई, रामपुर, गोपी, भिलावली, मलसई में मतदान बहिष्कार की सूचनाएं आईं। कुछ जगहों पर तो ग्रामीण बैनर पोस्टर लेकर जनप्रतिनिधियों के खिलाफ धरने पर बैठ गए। कहीं अधिकारियों तो कहीं जनप्रतिनिधियों और कहीं प्रत्याशियों ने पहुंचकर मतदान शुरू करया। ग्रामीणों को समझा बुझाकर आचार संहिता हटने के बाद काम कराने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ही ग्रामीण माने।

57 जगहों पर ईवीएम हुई खराब
हाथरस संसदीय क्षेत्र के छर्रा व इगलास विधानसभा क्षेत्र में मॉक पोल के दौरान करीब 34 पोलिंग बूथों पर ईवीएम धोखा दे गई। 23 मशीनें मतदान के दौरान बंद हो गईं। बाद में उन्हें सही कर अथवा बदलकर मतदान चालू कराया गया। मॉक पॉल में ईवीएम खराब होने पर मतदान रुक गया। इसलिए संबंधित पोलिंग बूथों पर देरी से मतदान शुरू हो सका। खराब हुई ईवीएम को बाद में ठीक कर लिया गया। गोंडा के लगसमा कन्या इंटर कॉलेज के बूथ पर ईवीएम मशीन में खराबी आने से करीब 45 मिनट तक मतदान प्रभावित रहा। हरदुआगंज के गुरुसिकरन के एक बूथ पर ईवीएम में खराबी आने पर करीब 15 मिनट तक मतदान रुका रहा। 

शिकायतों का लगा रहा अंबार 
कलेक्ट्रेट में बनाए गए नियंत्रण कक्ष में फोन की घंटियां दिन भर घनघनाती रहीं। इसमें सर्वाधिक शिकायतें मतदाता सूचियों में गड़बड़ी, नाम गायब हो जाने को लेकर थीं। दूसरी शिकायतें ईवीएम खराब होने एवं मतदान के बहिष्कार को लेकर थीं। हंगामे की खबर पर अफसरों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराकर मतदान को सुचारू कराया। अधिकारी अधीनस्थों को निर्देशित करते रहे। 

तापमान बढ़ने के साथ ही घटता-बढ़ता रहा मतदान 

हाथरस संसदीय क्षेत्र में इस बार मतदान को लेकर मतदाताओं में भले ही उत्साह देखने को मिला, लेकिन तापमान बढ़ने पर गर्मी से परेशान मतदाता घर से निकलने में बचते भी नजर आए। इसका असर यह हुआ कि मतदान का प्रतिशत वर्ष 2019  के सापेक्ष 61.07 फीसद से इस बार 5.71 फीसद कम दर्ज किया गया है। चुनाव आयोग ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर खासा जोर दिया था। इसके लिए प्रशासन पिछले कई दिनों से मतदाताओं को जागरुक करने के लिए लगातार अभियान चला रहा था। इसके बाद मतदान प्रतिशत बढ़ने की कम और हो गया। इससे चुनाव से जुड़े अफसरों की चिंता बढ़ गई है। दिन निकलने के साथ ही तापमान लगातार बढ़ता रहा। 

सुबह नौ बजे तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार था। सुबह 11 बजे यह 37 डिग्री तक जा पहुंचा। एक बजे यह तापतान 39 डिग्री पहुंच गया। दोपहर तीन बजे तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऐसे में तापमान अधिक होने के कारण मतदाता दोपहर में मतदान करने के लिए ही नहीं निकले। इससे बूथों पर सन्नाटा पसरा रहा। हाथरस संसदीय क्षेत्र के छर्रा में सुबह 09 बजे 14.53, 11 बजे 28.01, दोपहर 01 बजे 39.15, दोपहर तीन बजे 47.10,  शाम पांच बजे 56 एवं शाम छह बजे 57.91 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इगलास में सुबह नौ बजे 13.93,  सुबह 11 बजे 25.7, दोपहर एक बजे 35.97, दोपहर तीन बजे 42.82, शाम पांच बजे 52 एवं शाम छह बजे 54.04 प्रतिशत रहा। पिछले चुनाव की तुलना में इस सीट का मत-प्रतिशत 5.31 प्रतिशत कम रहा। वर्ष 2019 में हाथरस लोकसभा सीट में कुल 61.07 प्रतिशत मतदान किया गया था। जबकि वर्ष 2014 में 59.66 प्रतिशत मतदान हुआ था।  

वर्ष,                                   मतदान फीसद 
1991,              51.57            
1996,             39.02
1998,             47.55
1999,              41.04
2004,              40.57
2009,             45.10
2014,              59.66
2019,             61.07

परेशान ग्रामीणों ने किया बहिष्कार, बमुश्किल माने
 छर्रा व इगलास विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में मतदान शुरू होते ही बहिष्कार शुरू हो गया। सड़क और पुल नहीं बनने और अन्य जरूरी विकास कार्य न होने के विरोध में मतदान का बहिष्कार किया गया। गुस्साए लोगों ने अकेले अकराबाद ब्लॉक में ही 12 से अधिक गांवों में बहिष्कार किया। अधिकारी और नेताओं ने समझा बुझाकर लोगों को मतदान के लिए तैयार किया।  

गांव लधौआ के मजरा धर्मपुर में ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग की बदहाली पर चुनाव बहिष्कार किया, जिसकी सूचना पर एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट पहुंचे और ग्रामीणों को समझा कर मतदान कराया। गांव खेड़िया हरिचंद में मरघट न होने, जर्जर सड़क, बरात घर, पंचायत भवन न होने पर बहिष्कार हुआ। गोपी से भिलावली मार्ग से जुड़े गांव बिचपुरी, धौराई, बमनोई, मिर्जा चांदपुर, हंसगढी, भदरोई, दौलतपुर, गोवर्धनपुर के ग्रामीणों ने जर्जर मार्ग एवं सड़क निर्माण न होने के विरोध में मतदान बहिष्कार कर दिया। जानकारी पर भाजपा प्रत्याशी अनूप प्रधान, भाजपा नेता ठा. गोपाल सिंह और सपा नेता महेश बघेल ने मनाया तब कहीं मतदान हुआ। गोंडा ब्लॉक के गांव धारागढी में ग्रामीणों ने 700 मीटर लंबे मुख्य मार्ग के बदहाल होने पर बहिष्कार किया। तहसीलदार उदयवीर सिंह एवं ब्लॉक प्रमुख चौधरी नरेंद्र सिंह ने गांव पहुंचकर मतदान शुरू कराया। 

गांव नगला वीरा में भी मार्ग निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार कर दिया। जिस पर एसडीएम महिमा राजपूत, सीओ कृष्णगोपाल सिंह ने समझाया, लेकिन वे नहीं माने। ब्लॉक प्रमुख चौधरी नरेंद्र सिंह एवं भाजपा नेताओं ने किसी तरह से मनाया। थाना गंगीरी के गांव मलसई में ग्रामीणों ने हाईटेंशन लाइन हटवाने की मांग कर ढाई घंटे तक मतदान रोके रखा। ग्रामीणों का आरोप था कि एसडीएम गभाना ने जबरन शिक्षा मित्र व आंगनबाड़ी कार्यकत्री के वोट डलवा दिए। भाजपा नेता ठा.गोपाल सिंह ने लोगों को मतदान के लिए मनाया। गांव भगोसा में भी करीब पांच घंटे तक मतदान बहिष्कार रहा। ग्रामीणों का आरोप था कि पुल का निर्माण नहीं हुआ है। इससे परेशानी होती है। विधायक चुनाव के बाद गांव में झांकने तक नहीं आए। आश्वासन के बाद दोपहर एक बजे मतदान हुआ।

इगलास क्षेत्र के ग्राम चिरौली, श्यौरा (बहादुरपुर), कल्लूपुरा, नगला मोहन, सरकोरिया, नगला बीरा व नगला माधौ में मतदान बहिष्कार की सूचनाओं से अधिकारी परेशान रहे। अफसरों ने समझा कर मतदान कराया। हरदुआगंज के गुरुसिकरन के एक बूथ पर ईवीएम में खराबी आने पर करीब 15 मिनट तक मतदान रुका रहा। जलाली के प्राथमिक विद्यालय समेत ग्रामीण अंचल के कई बूथों पर पूर्वाह्न 11 बजे से ही सन्नाटा दिखाई दिया। 

बांईखुर्द में फिर बनेगा मतदान का रिकार्ड 

नगर पंचायत छर्रा व ग्रामीणों इलाकों में मतदाताओं ने मतदान को लेकर खासी रूचि दिखायी। गांव रामपुर व बांईखुर्द में मतदान बहिष्कार की सूचना मिली थी, लेकिन कुछ ग्रामीणों के मनमुटाव के अलावा अन्य ने मतदान किया। बाइंखुर्द में एक बजे तक करीब 75 प्रतिशत मतदान हो चुका था। गांव में 1200 मतदाता हैं। 

हाथरस संसदीय क्षेत्र
विधानसभा, पोलिंग बूथ, पुरुष मतदाता, महिला मतदाता, थर्ड जेंडर, कुल मतदाता 
छर्रा   436, 204764, 177840,   16,     3,82,620
इगलास 459, 212339, 184475,  06,     3,96,820

खूब चले वाहन 
चुनाव आयोग ने मतदाताओं को मतदान केंद्र तक जाने के लिए वाहनों के आने-जाने की छूट दी थी। इसका लोगों ने भरपूर फायदा उठाया। मतदाता वोट डालने मतदान केंद्रों तक पहुंचे। पुलिस फोर्स इन वाहनों को मतदान केंद्र से 200 मीटर पहले ही रोका।

मोबाइल फोन पर हुई नोकझोंक
मतदान केंद्र पर मोबाइल फोन ले जाने पर सख्ती थी। ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने वोट डालने पहुंचे लोगों को मोबाइल फोन लेकर बूथ तक जाने से रोक दिया। इसलिए अकेले वोट डालने पहुंचे मतदाताओं को परेशानी हुई, वे मोबाइल फोन को किसी को सौंपने के बाद ही मतदान करने जा सके। कई पोलिंग बूथों पर सुरक्षा कर्मियों से मतदाताओं की नोकझोंक हुई। 

बंद रहे बाजार, खुली रहीं चाय की दुकानें
मतदान के दौरान छर्रा विधानसभा क्षेत्र के कस्बा छर्रा, गंगीरी, जलाली, अकराबाद, इगलास विधानसभा के गौंड़ा, मुरबार, गोरई, बेसवां, इगलास के बाजार बंद रहे। सार्वजनिक अवकाश में बाजार बंद रहे लेकिन खान-पान एवं चाय की दुकानें खुली रहीं। 
 
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बच्चों ने छुट्टी का उठाया आनंद 

स्कूल, कॉलेज बंद रहने पर बच्चों ने छुट्टी का भरपूर आनंद उठाया। वे पार्क व खेल मैदानों में पहुंच गए और दिन भर छुट्टी का आनंद उठाया। शाम के वक्त लोग खान-पान की दुकानों पर पहुंच गए। 

नहीं मिले वाहन, भटके यात्री 
अधिकांश वाहनों के चुनाव में लग जाने के कारण यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वे वाहनों की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आए। शाम को धनीपुर मंडी जाने वाले रास्तों पर यातायात परिवर्तित किया गया था। इससे भी यात्री परेशान हुए।

मतदाता सूची से सैकड़ों नाम गायब, नहीं कर सके मतदान 
हाथरस लोकसभा चुनाव में कई मतदान केंद्रों पर मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम गायब मिले। छर्रा विधानसभा के असदपुर क्याम पर वोट डालने पहुंचे हरेंद्र सिंह की पत्नी का नाम मतदाता सूची से गायब था। उन्होंने मतदान कर्मियों को बताया कि उनका व पत्नी का नाम विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची में शामिल था। इसलिए उन्हें मतदान करने दिया जाए, लेकिन मतदान कार्मिकों ने उन्हें रोक दिया और वे मतदान नहीं कर सके। मायूस लौट गए।
यह एक-दो नहीं बल्कि छर्रा व इगलास विधानसभा के अधिकांश मतदान केंद्रों पर यह नजारा देखने को मिला। सैकडों लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब थे, जिससे वे मतदान नहीं कर सके। इसलिए बीएलओ, सुपरवाइजर व निर्वाचन कार्य से जुड़े अफसरों के प्रति रोष देखा गया। इसका असर मतदान प्रतिशत पर पड़ा। 

लोस चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले ही पुनरीक्षण अभियान चला और अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन हुआ था। इसके बाद से ही मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों की शिकायतें आनी शुरू हो गईं थीं। जिला निर्वाचन कार्यालय के साथ ही कंट्रोल रूम में भी शिकायतों के अंबार थे, लेकिन त्रुटियों को सही नहीं किया जा सका। मतदाता पर्ची न पहुंचने से परेशान मतदाताओं ने जब सूची में नाम तलाशे तो पूरा ब्योरा ही गायब मिला। जिससे वे मतदान करने से वंचित रह गए। उप जिला निर्वाचन अधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि मतदाता सूचियों की त्रुटियों को दुरुस्त कराया गया था, जहां कोई आपत्ति नहीं आई, वहां ही उक्त परेशानी हुई है।
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