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आंखों में धूल झोंकना नहीं होगा आसान: हुलिया बदल पुलिस को धोखा देना होगा मुश्किल, आवाज से होगी पहचान

Sat, 16 Aug 2025 02:54 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

त्रिनेत्र एप पुलिस को अपराधों की निगरानी और जांच में मदद करता है। साथ ही अपराधियों की पहचान और ट्रैकिंग में भी सहायता प्रदान करता है। अभी तक इस एप में अपराध का प्रकार, अपराधी की जानकारी, और घटना का स्थान दर्ज किया जाता है।
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त्रिनेत्र पोर्टल। - फोटो : त्रिनेत्र वेबसाइट
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विस्तार
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अब हुलिया बदल कर पुलिस की आंखों में धूल झोंकना अपराधियों के लिए आसान नहीं होगा। अपराधी की आवाज ही उसकी पहचान कराएगी। अपराध और सुरक्षा संबंधी जानकारी को इकट्ठा करने और उसका विश्लेषण करने के लिए डिजाइन की गई यूपी पुलिस की त्रिनेत्र एप प्रणाली में अब वॉइस सैंपल फीचर जोड़ा गया है।

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अब जल्द ही जिले के सभी 27 थानों में गिरफ्तारी के बाद अन्य विवरण के साथ ही वॉइस का सैंपल भी एप पर अपलोड करने का काम शुरू हो जाएगा। कहीं से भी एक क्लिक करने पर उसका विवरण हासिल हो सकेगा।

त्रिनेत्र एप में वाइस सैंपल का विकल्प जोड़ दिया गया है। डाटा अपलोडिंग का काम अगले कुछ दिनों में शुरू हो जाएगा। पकड़े गए अपराधियों का फोटो और फिंगर प्रिंट की तरह वॉइस सैंपल भी अपलोड कर दिया जाएगा। इसके लिए उनसे कुछ लाइनें बोलने को कहा जाएगा। जैसे मेरा नाम यह है। मैं वहां का रहने वाला हूं। मेरे ऊपर आरोप है कि आदि।

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त्रिनेत्र एप पुलिस को अपराधों की निगरानी और जांच में मदद करता है। साथ ही अपराधियों की पहचान और ट्रैकिंग में भी सहायता प्रदान करता है। अभी तक इस एप में अपराध का प्रकार, अपराधी की जानकारी, और घटना का स्थान दर्ज किया जाता है। इसमें अपराधी की बायोमीट्रिक के साथ ही चेहरे की त्रिआयामी तस्वीर भी होती है। यह एप अपराध डेटा का विश्लेषण करता है और अपराधियों की पहचान करने में मदद करता है।

त्रिनेत्र एप पर वॉइस सैंपल का फीचर जोड़ा गया है। इस संबंध में निर्देश मिले हैं। जिले में जल्द ही सभी थानों पर इस दिशा में काम शुरू हो जाएगा। जाहिर है इससे अपराधी तक पहुंचने में आसानी होगी। - ममता कुरील, एसपी क्राइम

सबसे बड़ा फायदा साइबर ठगी के मामलों में
साइबर ठगी में अपराधी कॉल करके ही वारदात को अंजाम देता है। इसके अलावा डिजिटल अरेस्ट जैसी गतिविधि में वीडियो कॉल करता है। वीडियो में वह अपना हुलिया बदल सकता है लेकिन आवाज के जरिए पुलिस को अपराधी तक पहुंचने में एक क्लू रहेगा। वॉइस सैंपल होने से कुछ ही सेंकेंड में आवाज का मिलान हो जाएगा। साथ ही पुलिस को संबंधित की सारी जानकारी भी हासिल हो जाएगी।
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