एएमयू के शताब्दी वर्ष समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑनलाइन संबोधन की घोषणा के बाद विश्वविद्यालय के संबंध में कभी नकारात्मक बयान देने वाले लोगों के सुर बदल गए हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र अशोक कुमार शर्मा, पीके सिंह, एनके शेरवानी आदि कहते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में एएमयू को केंद्र में रखकर लगातार नकारात्मक बयानबाजी की गई।
कभी वहां पर लगे मोहम्मद अली जिन्ना के फोटो को लेकर बयान दिए गए तो कभी विश्वविद्यालय की कैंटीन में खाना परोसने पर सवाल उठाए। यही नहीं विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विभिन्न समुदायों के छात्रों के बीच धार्मिक आधार पर भेदभाव करने के भी आरोप लगाए गए। लेकिन पिछले कुछ महीनों में देखने को मिला है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने भी विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में ऑनलाइन संबोधन किया।
इसके अलावा कुछ अन्य सरकार के प्रतिनिधियों ने भी ऑनलाइन कार्यक्रम में संबोधन किया और अब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 दिसंबर को शताब्दी समारोह में ऑनलाइन संबोधन कर रहे हैं। इस कार्यक्रम की घोषणा के बाद से ही अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के खिलाफ बयान देने वाले लोगों के सुर में बदलाव देखा जा रहा है।