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तीन महीने में अलीगढ़ में ही होने लगेगी विसरा जांच

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अभिषेक शर्मा
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विसरा जांच को लेकर मौत की गुत्थी सुलझने में देरी की समस्या से जल्द अपने मंडल की पुलिस को निजात मिल जाएगी। राज्य सरकार के फॉरेंसिक पुलिसिंग को मजबूत करने की दिशा उठाए जा रहे कदमों के क्रम में अपने जिले में मंडल स्तरीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला निर्माणाधीन है, जिसमें अगले तीन माह में विसरा जांच सहित अन्य जांच शुरू करने की तैयारी है। प्रयोगशाला का पहले चरण का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। निर्माणदायी संस्था जल्द ही प्रयोगशाला के एक हिस्से को स्थानीय फॉरेंसिक यूनिट को हस्तांतरित करने की तैयारी में है। बता दें कि दो साल पहले प्रदेश में 18 नई प्रयोगशालाएं बनना तय हुआ था। इसी क्रम में यहां प्रयोगशाला का निर्माण चल रहा है। अलीगढ़ के साथ-साथ गाजियाबाद व गोरखपुर में प्रयोगशाला निर्माण शुरू हुआ था, वहां जांच का काम भी शुरू हो गया है।
जीटी रोड से सटे बौनेर के पास 45वीं वाहिनी पीएसी परिसर में निर्माणाधीन विधि विज्ञान प्रयोगशाला तीन महीने में चालू हो जाएगी। जिसके बाद अलीगढ़ पुलिस को विसरा जांच रिपोर्ट का इंतजार महीनों तक नहीं करना पड़ेगा। केस की गंभीरता के अनुसार जल्द से जल्द जांच पूरी होगी। आपराधिक मामलों में जांच रिपोर्ट कुछ दिन में ही पुलिस को मिल जाएगी। मार्च 2017 में तीन करोड़ रुपये के बजट से इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ था। राजकीय निर्माण निगम को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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जिसमें तीन मंजिला भवन निर्माणाधीन है। पहले फेज का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है, जिसके बाद जांच का काम शुरू हो जाएगा और निर्माण कार्य भी साथ में चलता रहेगा। प्रदेश भर में इन प्रयोगशालाओं के निर्माण के पहले चरण में अलीगढ़ को भी शामिल किया गया था। गोरखपुर, गाजियाबाद और झांसी में हाल ही में बनी प्रयोगशालाओं में जांच शुरू हो गई है। प्रभारी वैज्ञानिक सहायक मुमताज अली ने बताया कि मार्च 2020 तक उक्त प्रयोगशाला में जांच शुरू करने की तैयारी है। पहले चरण में विसरा सहित केमिस्ट्री, क्राइम सीन मैनेजमेंट आदि की जांच यहां शुरू कराई जाएंगी। आगे चलकर धीरे-धीरे सभी आयाम यहीं पर पूरे हो जाएंगे।
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वर्तमान में यहां पर फोरेंसिक साइंस की मोबाइल वैन है। जिसमें रक्त, वीर्य, विस्फोटक, नारकोटिक्स, आग्नेय, माइक्रोे केमिकल की प्रारंभिक जांच होती है। आगे के परीक्षण के लिए इसको बड़ी प्रयोगशाला में भेजा जाता है। अब यहां पर ही प्रयोगशाला के चालू होने से जांच के लिए साक्ष्यों को बाहर नहीं भेजना पड़ेगा। जांच रिपोर्ट का इंतजार भी नहीं करना होगा। जांच यथाशीघ्र पूरी होगी।
आकाश कुलहरि, एसएसपी
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