फाइव रोजेज हीलिंग के संस्थापक समीर रजा अली नाम के किसी व्यक्ति की आईडी से यह शिकायत की गई थी। जिसमें छात्राओं के यौन उत्पीडऩ और मेडिकल रोड व दोदपुर में एक रैकेट संचालन की बात कही गई थी। यहां तक कहा गया था कि छात्राओं का दुष्कर्म व यौन उत्पीड़न किया जाता है। उनको अपहरण कर लाया जाता है।
अलीगढ़ शहर के नामचीन शिक्षण संस्थान की छात्राओं को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पत्र पुलिस जांच में फर्जी पाया गया है। शिकायत भी फर्जी पाई गई है। इस आधार पर पुलिस ने ट्विट करने वाले फाइव रोजेज हीलिंग के संस्थापक समीर रजा अली नाम के व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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फाइव रोजेज हीलिंग के संस्थापक समीर रजा अली नाम के किसी व्यक्ति की आईडी से यह शिकायत की गई थी। जिसमें छात्राओं के यौन उत्पीडऩ और मेडिकल रोड व दोदपुर में एक रैकेट संचालन की बात कही गई थी। यहां तक कहा गया था कि छात्राओं का दुष्कर्म व यौन उत्पीड़न किया जाता है। उनको अपहरण कर लाया जाता है। इन्हें सरसैयद नगर, जमालपुर, जोहराबाग, जीवनगढ़, रामघाट रोड के फ्लैटों में बंधक बनाकर रखा जाता है। वे मदद के लिए चीखती चिल्लाती रहती हैं। मगर कोई सुनता नहीं है। उनकी तस्करी तक होती है। दुष्कर्म होता है। कुछ की हत्या तक हो जाती है। परिवार उन्हें खोजता रहता है।
इस मामले में ट्विट होने पर पुलिस हरकत में आई और जांच शुरू की। मगर एक एक शिकायत फर्जी पाई गई। इस आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। सीओ तृतीय का चार्ज देख रहे सीओ प्रथम अभय पांडेय ने शिकायत फर्जी पाए जाने व मुकदमा दर्ज किए जाने की पुष्टि की है।