जिले जहरीली शराब बेचकर मौत का तांडव मचाने वाला 50 हजारी नकली शराब सरगना विपिन उर्फ ओमवीर यादव निवासी मैनपुरी को एक अन्य साथी संग पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही उसके उस ठिकाने को भी बेपर्दा कर दिया है जहां यह शराब बनाई जा रही थी। 15 फिट ऊंचाई की बाउंड्रीवाल में कैद यह शराब फैक्टरी अकराबाद क्षेत्र के पनैठी से सटे गांव अधौन के खेतों में चल रही थी। विपिन की गिरफ्तारी के बाद देर रात एक टीम अधौन स्थित फैक्टरी पहुंच गई थी, जहां भारी मात्रा में माल बरामद किया गया था, जबकि दूसरी टीम तालानगरी की एक स्याही-सैनिटाइजर फैक्टरी में थी। वहां भी चेकिंग की जा रही थी।
27/28 मई की रात से शुरू हुए घटनाक्रम में विपिन यादव मूल निवासी मैनपुरी हाल निवासी सहार देहली रेजीडेंसी क्वार्सी का नाम 28 मई की दोपहर स्थानीय शराब तस्कर सरगना रालोद नेता अनिल चौधरी की गिरफ्तारी के बाद ही उजागर हो गया था। खुद अनिल ने स्वीकारा था कि विपिन उन्हें यह जहरीली शराब सस्ते दामों में बेचता था और हम लोग उसे ठेकों के जरिये पब्लिक को बेचते थे। उसके बाद से विपिन और दूसरे स्थानीय तस्कर भाजपा नेता ऋषि शर्मा पर 50-50 हजार का इनाम घोषित किया गया। दोनों की तलाश के प्रयास जारी थे। इसी बीच रविवार देर शाम पुलिस टीम ने विपिन को दबोच लिया। उसने पूछताछ में स्वीकारा कि वह अधौन गांव में संचालित होने वाली नकली शराब बनाने की फैक्टरी शराब उठाकर बाहर के तस्करों को बेचता था। यह फैक्टरी हाथरस का एक व्यक्ति और सिंधौली का नवनिर्वाचित प्रधान गंगाराम मिलकर चलाते थे। इस पर पुलिस ने गंगाराम को भी दबोच लिया।
दंग रह गई पुलिस, ग्रामीण भी हैरान
गंगाराम व विपिन की निशानदेही पर एसपी देहात शुभम पटेल की अगुवाई में पूरी टीम फैक्टरी पहुंची तो देखकर सभी दंग रह गए। गांव से दूर करीब एक बीघा खेत में 15-15 फिट ऊंची बाउंड्रीवाल वाली फैक्टरी पर ताला पड़ा था। अंदर जाकर देखा तो फैक्टरी में नकली शराब बनाने का पूरा जखीरा मिला। इस दौरान पुलिस अमले को देख कुछ ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें नहीं पता कि यहां अंदर क्या होता है। यह फैक्टरी काफी समय से यहां संचालित है। बस इतना जरूर पता है कि दिन हो या रात, यहां गाड़ियां आती और जाती रहती थीं। यह फैक्टरी धनीपुर मंडी के एक व्यक्ति की जमीन पर संचालित है। उस व्यक्ति को भी पूछताछ के लिए पुलिस ने बुलाया है।
गलती से हुआ इस स्लाट में मिथाइल अल्कोहल का प्रयोग
पुलिस सूत्रों के अनुसार विपिन ने स्वीकारा है कि उसकी तालानगरी में संचालित स्याही-सैनिटाइजर बनाने की फैक्टरी के संचालक से उसकी दोस्ती है। चूंकि उस फैक्टरी में सैनिटाइजर के लिए इथाइल और स्याही के लिए मिथाइल खरीदकर आता था। वहीं से वह नकली शराब बनाने के लिए इथाइल अल्कोहल खरीदता था। इस बार गलती से वह खुद वहां से इथाइल की जगह मिथाइल अल्कोहल का डिब्बा उठा लाया। चूंकि दोनों की पैकिंग एक जैसी होती है, बस पहचान के लिए लिखावट में कुछ अंतर होता है। इसलिए यह धोखा हुआ और वही मिथाइल इस बार के स्लाट में नकली शराब में मिल गई। उसने शराब बनाने के बाद अपने तस्कर रैकेट के सरगनाओं को माल की सप्लाई भी दे दी। मगर जब 28 मई की सुबह मौत का शोर मचा और अनिल चौधरी की गिरफ्तारी हो गई तो वह गलती समझ गए और फैक्टरी बंदकर भाग गए।
फैक्टरी के दो साझेदारी, पांच नौकर भी शामिल : तलाश जारी
विपिन और गंगाराम की स्वीकारोक्ति के अनुसार उसकी इस फैक्टरी में दो साझेदारी हैं, जिनमें एक गंगाराम और दूसरा हाथरस जनपद का है। वहीं पांच नौकर हैं जो अंदर रहकर शराब बनाने, पैकिंग करने का काम करते हैं। विपिन के अनुसार सभी के अपने-अपने काम बंटे हुए हैं। यहां सेटअप खड़ा करने और यहां की देखरेख का जिम्मा प्रधान गंगाराम का था, जबकि पैकिंग उत्पाद लाने का जिम्मा दूसरे साझेदार का और वह खुद मार्केट में सप्लाई पहुंचाने, भुगतान लेने आदि का काम संभालता था। विपिन व हाथरस के व्यक्ति की मुलाकात जेल में हुई। बाहर आने के बाद हाथरस के व्यक्ति ने अपने स्थानीय दोस्त गंगाराम संग मिलकर करीब छह माह पहले यह सेटअप खड़ा किया।
3300-3700 का माल 1400-1800 में बेचा जाता
विपिन ने स्वीकारा कि वह गंगाराम व हाथरस के व्यक्ति से माल लेकर अपने पुराने परिचित शराब तस्करी के जिले के मास्टर माइंड रालोद नेता अनिल व भाजपा नेता ऋषि को बेचता था। इस बीच उसे कमीशन मिलता था। जो असली पेटी 3300 व 3700 की हैं, उन्हें वह 1400 व 1800 में अनिल व ऋषि को देता था। प्रति पेटी उसे 200 रुपये तक कमीशन मिलता था। छह माह में कई लाख रुपये का माल बाजार में बेचा। पूरे पंचायत चुनाव में माल बेचा। चूंकि अनिल व ऋषि के अपने ठेके और दूसरे भी बेहतर संपर्क हैं। इसलिए सर्वाधिक माल उन्हीं को जाता था। पूरे पंचायत चुनाव में अनिल व ऋषि ने इन्हीं से माल लेकर जिले में खपाया।
ये हुआ बरामद
पुलिस, आबकारी टीम व मजिस्ट्रेट की निगरानी में हुई छापेमारी में इस फैक्टरी से 60 बोतल शराब बिना लेबल, 100 पेटी नकली शराब गुड इवनिंग, 5 ड्रमों में 1300 लीटर केमिकल, 8 ड्रम खाली, 1 बड़ी पानी की टंकी, 4 पैकेट ढक्कन, पॉलीथिन बैग, 500 रैपर गुड इवनिंग, 3 रोल बार कोड, 20 बोतल पानी की, 1 पैकिंग मशीन, 2 बोतल रंग बनाने की बरामद हुआ है।
- मुख्य मास्टर माइंड अनिल चौधरी के बताए अनुसार इनामी विपिन गिरफ्तार कर लिया गया है। उसकी निशानदेही पर अधौन में फैक्टरी पर छापेमारी चल रही है। वहां काफी कुछ मिला है। इसके अलावा तालानगरी की फैक्टरी में भी जांच कराई जा रही है। जांच व पूछताछ में स्पष्ट होने पर आगे जानकारी साझा की जाएगी।
- कलानिधि नैथानी, एसएसपी
कुछ पुलिसकर्मियों से भी विपिन के गहरे रिश्ते
विपिन की गिरफ्तारी से पहले से यह अफवाह उड़ना शुरू हो गई है कि उसके जिले में कुछ पुलिसकर्मियों से गहरे रिश्ते हैं। उसी वजह से वह 28 मई को घटना होने के बाद अचानक गायब हो गया था।