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वन विभ्ााग की टीम को झेलना पड़ा विरोध्ा, हंगामा

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 क्षेत्र के गांव मजूपुर में बुधवार को 75 हेक्टेयर जमीन पर पौधरोपण करने गई वन विभाग की टीम को ग्रामीणों का विरोध झेलना पड़ा। इनता ही नहीं गांव की महिलों  ने हंगामा किया।  वन विभाग की ओर से करीब डेढ़ दर्जन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।  रेंजर रामसिंह विष्ट ने पूरे घटनाक्रम के लिए लेखपाल, कानूनगो और एसडीएम को जिम्मेदार बताया है।
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वन रेंजर का कहना है  कि  पिसावा के मजूपुर के गांव में वन विभाग की 75 हेक्टेयर जमीन का सितंबर में सीमाकंन कराया था। इसके बाद वहां पौधों के लिए गड्ढे खोद दिए गए। खाई भी बना दी गई थी। इस जमीन पर ग्रामीणों ने कब्जा करने की कोशिश की तो 25 मई को 17 लोगों के खिलाफ वन अधिनियम के तरह मुकदमा दर्ज करा दिया गया। रेंजर ने बताया कि ग्रामीणों ने जो स्टे लिया था हाईकोर्ट ने उसे आगे जारी नहीं किया।

साथ ही सत्तू प्रकरण के साथ सभी मामलों पर सुनवाई कर आदेश दिया कि ग्राम समाज अपना रिकार्ड सही करे। इसी के आधार पर मार्च में तत्कालीन एसडीएम पंकज शर्मा ने आदेश दिया था कि वन विभाग को उसकी जमीन पैमाइश कराकर दे दी जाए।
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बुधवार की सुबह वन विभाग के कर्मचारी पौधरोपण करने के लिए इस जमीन पर मशीन से गड्ढे करा रहे थे। करीब एक एकड़ जमीन में गड्ढे हो गए थे।

इसी दौरान ग्रामीणों को पता चला तो वो वहां पर पहुंच गए और वन विभाग का विरोध करने लगे। मशीन को जबरन बंद करा दिया। वन कर्मियों ने वन क्षेत्राधिकारी खैर राम सिंह विष्ठ को घटना की सूचना दी तो वो भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों और उनके बीच नोकझोंक हुई। आक्रोशित लोगों के तेवरों को देख पुलिस भी मूक बनी रही और वन विभाग के सभी लोग वहां से लौट आए।
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