नगला रमजू में निर्माणाधीन संविलियन विद्यालय के बरामदे की छत गिरने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। घटिया निर्माण सामग्री के प्रयोग का आरोप लगाते हुए ग्रामीण अधिकारियों से उलझ गए। काफी कहासुनी हुई। एसडीएम ने जांच का आश्वासन दिया तो मामला शांत हुआ।
इस विद्यालय का निर्माण जुलाई 2025 में शुरू हुआ था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बरामदे के फर्श की मिट्टी को सही ढंग से नहीं बैठाया गया है। इस कारण पिछले 10 दिनों में दो बार शटरिंग गिर चुकी है। तब पिलर नहीं गिरे थे। इस बार शटरिंग पर जैसे ही कंक्रीट का वजन पड़ा, वैसे ही कॉलम कमरों की ओर झुक गए और छत गिर पड़ी। ग्रामीणों ने कॉलम में गड़बड़ी का आरोप लगाया। खंड शिक्षा अधिकारी सुल्तान अहमद से नोकझोंक हुई। काफी देर तक गहमा-गहमी बनी रही। मामला तूल पकड़ता देख एसडीएम ने हस्तक्षेप किया तथा ग्रामीणों को आश्वासन देकर शांत किया।
नहीं चेता शिक्षा विभाग
स्कूलों के जर्जर भवन को लेकर अमर उजाला ने अभियान चलाकर शिक्षा विभाग व प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था। तब अधिकारियों ने बच्चों की सुरक्षा का आश्वासन दिया था। इसके बाद सोखना में भी जर्जर बरामदे की छत गिरी। इस सबसे भी शिक्षा विभाग ने सबक नहीं लिया और निर्माण कार्य से लेकर भवनों के रखरखाव में लापरवाही देखने को मिली।