हमले में चौकी प्रभारी महेश चंद्र को लगी चोट, गांव में पुलिस का पहरा
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खाली पड़ा था मुख्य आरोपी का घर
मुख्य आरोपी मेंहदी हसन के घर के मुख्य गेट पर ताला तक नहीं था। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि घर के सदस्य जल्दबाजी में सब कुछ छोड़कर भाग गए। घर के भीतर एक स्कूटी खड़ी थी और आंगन में सूखने के लिए गेहूं बिखरे हुए थे, लेकिन घर में कोई इंसान मौजूद नहीं था।
खेती जमीन पर शुरू हुआ था कब्जे का विवाद
ग्रामीण भूरे खां ने बताया कि जमीन पहले मेंहदी हसन के परिवार के पास थी, जिसे अब किसी और ने खरीद लिया है। पुलिस पहले भी सूचना देने आई थी कि दोनों पक्ष आपस में समझौता कर लें। रविवार को पुलिस मेंहदी हसन को रंगदारी और जमीन पर अवैध कब्जे के आरोप में गिरफ्तार करने पहुंची थी, तभी परिजनों और समर्थकों ने विरोध शुरू कर दिया जो बाद में हिंसक हमले में बदल गया। गांव में ही प्रोविजन स्टोर चलाने वाले शफी कहते हैं कि पहले चार पांच पुलिस वाले आए थे। पुलिस ने मेंहदी को गिरफ्तार किया और परिवार वालों ने विरोध किया था। इसी में हाथापाई शुरू हो गई।
कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने तीन महिलाओं और एक युवती समेत कुल 18 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य नामजद आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं।-आदित्य बंसल, एसपी सिटी