इस मामले में तत्कालीन तहसीलदार उदयवीर सिंह, आदेश वाहक आलोक सिंह, भतीजे गजेंद्र व नरेंद्र सिंह पर रिपोर्ट दर्ज की गई, लेकिन अभी तक विवेचना में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बरला क्षेत्र के गांव ऊतरा के चार भाइयों को उनके भतीजों ने साजिश रचकर पुश्तैनी संपत्ति से बेदखल करा दिया। इसके लिए तहसीलदार की ओर से चारों भाइयों को बिना नोटिस मिले ही दाखिल-खारिज वाद भतीजों के पक्ष में निस्तारित कर दिया गया। इस मामले में एसएसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी थाना पुलिस स्तर से मदद नहीं मिल पा रही। पीड़ित पक्ष ने अब फिर से अधिकारियों को शिकायत भेजी है।
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इस संबंध में पिछले वर्ष नवंबर के अंतिम सप्ताह रिपोर्ट दर्ज कराते हुए ऊतरा के सेवानिवृत्त अमीन लख्मी सिंह ने बताया था कि वे पांच भाई बहाल सिंह, देवेंद्र सिंह, जगवीर सिंह, वीरेंद्र सिंह व खुद लख्मी सिंह हैं। आरोप है कि बड़े भाई बहाल सिंह की 2018 में मृत्यु के बाद उनके बेटे गजेंद्र, नरेंद्र ने 1998 के दाखिल खारिज आदेश को राजस्व नियमों के विपरीत 24 वर्ष बाद चुनौती दी। तहसील अतरौली में वाद दायर किया। तत्कालीन तहसीलदार उदयवीर सिंह ने चार भाइयों देवेंद्र, जगवीर सिंह, वीरेंद्र सिंह व लख्मी सिंह के पक्ष में हुआ 1998 में हुआ दाखिल खारिज आदेश निरस्त कर दिया। 2022 में राजस्व अभिलेखों से संपत्ति से उनके नाम भी हटा दिए।
इस मामले में तत्कालीन तहसीलदार उदयवीर सिंह, आदेश वाहक आलोक सिंह, भतीजे गजेंद्र व नरेंद्र सिंह पर रिपोर्ट दर्ज की गई, लेकिन अभी तक विवेचना में कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब जगवीर सिंह ने फिर से अधिकारियों को शिकायत भेजकर मामले में कार्रवाई का अनुरोध किया है।