एएमयू के संस्कृत विभाग में श्लोक-कुरान की आयतें गूंजीं। विद्यार्थियों ने गीत, श्लोक, नात और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मन मोहा। संस्कृत अध्ययन केंद्र की विवरणिका का विमोचन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के छात्र फजले अहमद के कुरान-पाठ और शोधार्थी सत्येंद्र सिंह की वैदिक प्रार्थना से हुई।
शोधार्थी शिर्या शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जबकि फजले अहमद ने संस्कृत भाषा में नात पेश की। शोधार्थी विशाखा ने महिषासुर मर्दिनी का गायन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। नशरा खान ने अभिज्ञानशाकुन्तलम् के श्लोकों का सस्वर गायन किया, जबकि रोहिणी ने संस्कृत गीत प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि प्रो. मोहम्मद रिजवान खान ने संस्कृत की जीवन में उपयोगिता पर जोर देते हुए शिक्षकों से विद्यार्थियों के साथ संस्कृत में बातचीत को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
प्रो. शम्भुनाथ तिवारी ने आधुनिक दौर में संस्कृत के वैश्विक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण भाषा बताया। प्रो. हिमांशु शेखर आचार्य, अनुपम माइति ने भी विचार रखे। विभागाध्यक्ष प्रो. सारिका वार्ष्णेय ने अतिथियों का स्वागत किया। मौके पर प्रो. विभा शर्मा, प्रो. आमिर रियाज, प्रो. एम.जे. वारसी, प्रो. इफ्फत असगर, प्रो. रेशमा बेगम आदि मौजूद रहे। संचालन डॉ. जफर इफ्तिखार ने किया।