शहर की सड़कों पर दौड़ रहे वाहन खूब प्रदूषण फैला रहे हैं। इन वाहनों के स्वामी न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि आम जनजीवन को भी खतरे में डाल रहे हैं। शनिवार को परिवहन विभाग ने प्रदूषण जांच के लिए अभियान चलाया। इस दौरान 43 वाहनों की जांच की गई। इनमें सात वाहन प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करते हुए पाए गए। प्रति वाहन 10 हजार रुपये के हिसाब से इन सभी वाहनों का 70 हजार रुपये का चालान काटा गया। इसके अलावा वाहन प्रदूषण जांच केंद्रों की भी जांच की गई।
संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) फरीदउद्दीन के नेतृत्व में एआरटीओ प्रवर्तन अमिताभ और यातायात पुलिस की टीम ने चेकिंग अभियान चलाया। फरीदउद्दीन ने बताया कि निजी तथा व्यावसायिक वाहनों की प्रदूषण जांच का विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान में 43 वाहनों की मशीन द्वारा प्रदूषण स्तर की जांच की गई। इसमें 7 वाहनों के प्रदूषण का स्तर निर्धारित सीमा से अधिक पाए जाने पर प्रति वाहन 10 हजार रुपये का चालान किया गया। इसके अलावा एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह ने पांच प्रदूषण जांच केंद्रों का निरीक्षण किया। प्रदूषण जांच केंद्रों में लगी मशीनों की जांच की गई।
संचालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया गया। जांच के दौरान समस्त प्रदूषण जांच केंद्र संचालकों को निर्देशित किया गया कि वाहनों के प्रदूषण स्तर की जांच एप के माध्यम से ही करें। मानक के अनुरूप ही प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी करें। निरीक्षण किए गए प्रदूषण जांच केंद्रों में सभी मानक के अनुरूप संचालित पाए गए। एआरटीओ प्रवर्तन अमिताभ चतुर्वेदी ने वाहन चालकों को जागरूक करते हुए कहा कि वाहनों से निकलने वाला प्रदूषण न सिर्फ पर्यावरण बल्कि मानव जीवन के लिए भी खतरनाक है। वाहनों से निकलने वाले धुएं से तमाम प्रकार की बीमारियों की संभावना रहती है। वाहनों की नियमित जांच कराएं। इस दौरान यातायात निरीक्षक केपी गौड़, ट्रैफिक कांस्टेबल जितेंद्र कुमार, प्रवीण मान, मुकेश कुमार, राजा व प्रवर्तन सिपाही श्री गणेश कुमार उपस्थित रहे।