खेत से थाली तक : हर पड़ाव पर बढ़ता भाव
- खेत में सब्जी की पैदावार
- मंडी पहुंचते ही 1% मंडी शुल्क और 0.5% विकास सेस अतिरिक्त
- आढ़त पर आते ही 3% कमीशन और तौलाई खर्च अलग से
- फुटकर बाजार में पहुंचने पर भाड़ा और फिर दुकानदार का मुनाफा
- ग्राहक के पास आखिर में बढ़े हुए भाव पर पहुंच रही सब्जी।
मंडी में तय शुल्क-कमीशन
आलू, प्याज, टमाटर, अदरक, नींबू, मिर्च और लहसुन मंडी के नियमों के अनुसार अधिसूचित श्रेणी की सब्जियां हैं। इन पर मंडी शुल्क और विकास सेस लागू होता है। अन्य सब्जियों पर यह शुल्क नहीं है। धनीपुर मंडी में रोजाना करीब 160 टन सब्जियों का कारोबार होता है। - मुकेश त्रिपाठी, मंडी सचिव, धनीपुर
रेस्टोरेंट की प्लेट भी महंगी
सब्जियों की बढ़ती कीमत का असर रेस्टोरेंट के मेन्यू पर भी दिखने लगा है। लक्ष्मीबाई मार्ग स्थित दक्षिण रेस्टोरेंट में डोसा, इडली और रसम की कीमत बढ़ गई है। संचालक के अनुसार 10 रुपये का सांभर और रसम अब 20 रुपये में मिल रहा है। 120 रुपये वाला डोसा 140 और 60 रुपये की इडली की प्लेट 70 रुपये की हो गई है। अरहर की दाल और आलू-टमाटर की सब्जी की कीमत भी 80 से बढ़कर 90 रुपये प्लेट हो गई है।