कोरोना काल में पहले लॉकडाउन के दौरान लोगों की जेब काम धंधे बंद होने के कारण खाली हो गईं। अब महंगाई लोगों का दिवाला निकाल रही है। सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। इसके चलते महंगाई की आग रसोई तक पहुंच गई है। शुक्रवार को टमाटर अपने चरम पर पहुंचते हुए 80 रुपये प्रतिकिलो की दर से बिका।
थोक से लेकर खुदरा दुकानदार तक इसके पीछे खानपान के ठेलों, ढाबों, रेस्टोरेंट के खुलने के बाद सब्जियों की अधिक खपत, बाहरी जिलों में निर्यात और हाल में बढ़े पेट्रोल-डीजल के दामों को ठहरा रहे हैं। हालांकि जनता के अपने तर्क हैं। लोगों की मांग है कि सरकार ईंधन के दामों को स्थिर करे। इसके साथ ही जिलाधिकारी स्तर से जिस प्रकार लॉकडाउन में सब्जियों और खाद्य सामग्रियों के दामों को प्रतिदिन निर्धारित किया जा रहा था। उसी प्रकार की व्यवस्था फिर से प्रशासन लागू करें।
यूं चढ़े सब्जियों के दाम
सब्जी वर्तमान 15 जून से पहले
आलू 20-25 10 से 15
टमाटर 80 10
प्याज 15 10
धनिया 120 60
लहसुन 110 70
अदरक 100 40
भिंडी 40 20
बैंगन 30 15
अनलॉक में ढाबे और रेस्टोरेंट सहित खानपान की ढकेलें खुलने के बाद सब्जियों की खपत बढ़ी है। इसके साथ ही पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी और बाहरी जिलों में निर्यात का असर दामों पर पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल के दाम गिरने पर ही कोई बात बनेगी।
- सुरेश चंद्र, आढ़ती, धनीपुर मंडी
मंडी से ही सब्जियां तेज दामों पर आ रही हैं। मजबूरन बाजारों में तेज भाव में लोगों को बिक्री करनी पड़ रही है। हर सब्जी पर दुकानदार अब बमुश्किल पांच से दस रुपये किलो की कमाई कर पा रहा है।
- मोहनलाल, खुदरा सब्जी विक्रेता, दुबे पड़ाव
सब्जियों का स्वाद प्याज टमाटर ही बढ़ाता है। सलाद में इनका उपयोग इस समय नहीं किया जा रहा है। लॉकडाउन से घर का बिगड़ा बजट अभी तक नहीं सुधर पा रहा है। मध्यम वर्गीय लोगों ने खाने की थाली में रखी सब्जियों को घटाते-घटाते बिल्कुल कम कर दिया है।
- रिंकू राघव, गृहणी
कोरोना संक्रमण को लेकर पहले से ही परेशान आम जनता को सब्जी की महंगाई ने करारा झटका दिया है। सब्जियों के दाम एक बार फिर आसमान छू रहे हैं। पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी से सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं।
- नीलम चौधरी, गृहणी