अलीगढ़ के डीएस कॉलेज की प्रबंध समिति और राजा महेंद्र प्रताप सिंह यूनिवर्सिटी के बीच चल रहे घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया है। कुलपति प्रो. चंद्रशेखर ने डीएस कॉलेज की प्रबंध समिति के एप्रवल को खत्म कर दिया है। साथ ही अलीगढ़ के डीएम इंद्र विक्रम सिंह को कॉलेज का प्रशासक बना दिया है। डीएम को वीसी ने प्रबंध समिति के तीन महिने के अंदर कराने का आदेश दिया है।
प्रबंध समिति की अनानुमोदित
राजा महेंद्र प्रताप सिंह यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. चंद्रशेखर ने अपने आदेश में लिखा है कि धर्म समाज सोसायटी अलीगढ़ द्वारा धर्म समाज महाविद्यालय प्रबन्ध समिति का चुनाव 12 नवंबर 2022 को कराकर चुनाव पत्रावली अनुमोदन हेतु विश्वविद्यालय में प्रस्तुत की गई । विश्वविद्यालय द्वारा सम्बन्धित पक्षों की व्यक्तिगत सुनवाई 20 मार्च, 25 मार्च एवं पांच अप्रैल को की गई। सम्बन्धित पत्रावली का गहन परीक्षण एवं परिशीलन करने के उपरान्त उतर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम की धारा 2 ( 13 ) सपठित
धारा 13 (1) (ए). 13 (4) एवं राजा महेन्द्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय, अलीगढ़ (डॉ० भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा ) की परिनियमावली के परिनियम 12.05 के अन्तर्गत 12 नवंबर 2022 के माध्यम से प्रस्तुत धर्म समाज महाविद्यालय, अलीगढ़ की प्रबन्ध समिति के निर्वाचन से गठित प्रबन्ध समिति को अनानुमोदित कर दिया है ।
डीएम बनाए प्रशासक, तीन महीने में प्रबंध समिति के चुनाव कराने के आदेश
विश्वविद्यालय की स्नातक एवं परास्नातक सम सेमेस्टर परीक्षा और महाविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए जिलाधिकारी, अलीगढ़ को प्रशासक नियुक्त किया जाता है तथा जिलाधिकारी, अलीगढ़ को निर्देशित किया जाता है कि धर्म समाज महाविद्यालय, प्रबन्ध समिति का चुनाव तीन माह के अन्दर कराएं।
प्रबंध समिति ने कहा यह
डीएस कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव राजीव अग्रवाल ने कुलपति के आदेश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कुलपति लगातार हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना कर रहे हैं, जो सही नहीं है।
यह चल रहा विवाद
राजा महेंद्र प्रताप सिंह यूनिवर्सिटी और डीएस कॉलेज की प्रबंध समिति के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही है। प्रबंध समिति ने आयोग से आए प्राचार्य प्रो आर के वर्मा को हटा दिया था और डॉ मुकेश भारद्वाज को प्राचार्य बना दिया था। कुलपति ने फिर प्रो आर के वर्मा को प्राचार्य बना दिया और डॉ मुकेश भारद्वाज को प्राचार्य पद से हटा दिया। यह हटने और बनाने का क्रम कई बार हुआ। मामले को लेकर प्रबंध समिति हाईकोर्ट तक पहुंच गई। पहले भी एक बार डीएम प्रशासक बनाए जा चुके हैं।