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Valentine's Week: रोज डे के साथ शुरू हुआ प्रेम का सप्ताह, युवा दिलों की धड़कनें तेज, होगा प्यार का इजहार

Wed, 07 Feb 2024 01:21 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

युवा अपने दोस्तों को सुर्ख गुलाब का फूल देकर अपनी भावनाओं का इजहार करते हैं। इसी के साथ ही सात दिन का प्रेम सप्ताह प्रारंभ हो रहा है। बहुत सारे युवा दंपती इस मौके को खास बनाने की तैयारी में हैं। पूरे सात दिन तक बाजारों में पहुंचकर खरीदारी करते हैं। तमाम युवा अपनी पत्नियों को विशेष उपहार देकर अपने प्रेम का इजहार करते हैं।
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वेलेंटाइन सप्ताह की शुरुआत रोज डे से, गुलाब की बढ़ी खरीदारी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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रोज डे के साथ ही वेलेंटाइन सप्ताह की शुरुआत हो गई है। बाजार भी तैयार है। इस बार वेलेंटाइन डे को लेकर कई नए गिफ्ट युवाओं को पसंद आ रहे हैं। महानगर में गिफ्ट गैलरियां में भीड़ है। उन्होंने अभी से ही अपने दोस्तों को गिफ्ट देने की तैयारी कर ली है। होटल, रेस्टोरेंट में इसकी अग्रिम बुकिंग शुरू हो गई है। 

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7 फरवरी को रोज डे से इसकी शुरुआत हो रही है। युवा अपने दोस्तों को सुर्ख गुलाब का फूल देकर अपनी भावनाओं का इजहार करते हैं। इसी के साथ ही सात दिन का प्रेम सप्ताह प्रारंभ हो रहा है। बहुत सारे युवा दंपती इस मौके को खास बनाने की तैयारी में हैं। पूरे सात दिन तक बाजारों में पहुंचकर खरीदारी करते हैं। तमाम युवा अपनी पत्नियों को विशेष उपहार देकर अपने प्रेम का इजहार करते हैं। 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे के अवसर पर प्रेम में और मिठास घोलने की कोशिश करते हैं। इसे देखते हुए बाजार भी नए उपहारों से पट चुके हैं। रामघाट रोड की गिफ्ट गैलरियों में कई रेंज के सस्ते और कीमती उपहार मौजूद हैं। जिन्हें युवा पसंद कर रहे हैं। दुकानदारों ने भी इस मांग को देखते हुए ताजे गुलाब की व्यवस्था की है। वेलेंटाइन डे वीक की पूर्व संध्या पर ही सुर्ख गुलाब खासा भाव खाने लगा। 
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सेंटर प्वाइंट पर फूलों का कारोबार करने वाले संदीप ने बताया कि आम दिनों में 20 से लेकर 30 रुपये तक बिकने वाला गुलाब 40 से 60 रुपये की कीमत पर जा पहुंचा है। बुके की कीमत 250 से लेकर 700 रुपये तक है। पहले दिन गुलाब की कीमत और भी बढ़ने की उम्मीद है। गिफ्ट गैलरियों में भी युवाओं ने खरीदारी की। रामघाट रोड, सुदामापुरी, अचल ताल, महावीरगंज, कनवरीगंज, कुलदीप बिहार आदि कॉलोनियों की गिफ्ट गैलरियों में युवाओं की भीड़ रही। 

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वेलेंटाइन सप्ताह 

  • 7 फरवरी, रोज डे  
  • 8 फरवरी, प्रपोज डे
  • 9 फरवरी, चॉकलेट डे
  • 10 फरवरी, टेडी डे
  • 11 फरवरी, प्रोमिस डे
  • 12 फरवरी, हग डे
  • 13 फरवरी, किस डे
  • 14 फरवरी, वेलेंटाइन डे

पहली बार किया इजहार, मिला प्यार का उपहार
प्रेम दो दिलों का मिलन ही नहीं अपितु त्याग और समर्पण भी है। एक- दूसरे के प्रति श्रद्धा और भाव भी। यह सात जन्मों का अटूट बंधन भी है। इसलिए जिंदगी की पहली मुलाकात कई बार जीवनसाथी के रूप में परिवर्तित हो जाती है और जीवन का लम्हा कब गुजर जाता है, पता ही नहीं चलता है। शहर के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप बंसल और महिला विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. अल्पना बंसल की जिंदगी की कहानी भी कुछ इसी प्रकार से है। पवित्र प्रेम ने चिकित्सक दंपती को चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई पहचान दी। वेलेंटाइन वीक की शुरुआत में वो पुरानी यादों के पन्ने पलटने लगते हैं। जीटी रोड बन्ना देवी स्थित बंसल नर्सिंग होम के स्वामी डॉ. प्रदीप बंसल बचपन से ही सौम्य और सरल स्वभाव के थे। 

मेडिकल की शिक्षा उन्होंने आगरा मेडिकल कॉलेज से की है। उसी समय उनके माता- पिता ने उनकी शादी की बात शुरू कर दी। इसी बीच डॉ. प्रदीप बंसल की मुलाकात डॉ. अल्पना से हुई। वो स्त्री प्रसूति रोग विशेषज्ञ थीं। डॉ. प्रदीप बंसल को डॉ. अल्पना बंसल का मृदुभाषी व्यवहार भा गया। उन्होंने निर्णय किया कि अब अल्पना से ही परिणय सूत्र में बंधना हैं। इस प्रकार दोनों 19 फरवरी 1995 में एक-दूजे के हो गए। डॉ. प्रदीप बंसल कहते हैं कि उनकी जिंदगी में सबसे बड़ा उपहार अल्पना हैं। उन्होंने जीवन में हर ऐसे वक्त में मदद की जब उन्हें जरूरत थी। हमेशा संबल प्रदान किया। इतना व्यस्त होने के बाद भी बच्चों के सपनों में पंख लगाने में पीछे नहीं रहे। कई बार काम के बोझ के तले थकान महसूस होती है तो उनकी मीठी बातें दवा सा असर करती हैं।

डॉ. अल्पना कहती हैं कि प्रेम त्याग और समर्पण है। यदि पति- पत्नी के बीच ये दोनों बातें हैं तो जीवन को खुशहाली से भर सकते हैं, जब दंपती के बीच इन दोनों का अभाव रहता है तो जीवन में खटास पैदा होने लगती हैं। मगर, डॉक्टर साहब त्याग और समर्पण में कई बार हमसे आगे निकल जाते हैं। इसलिए हम दोनों के बीच कभी मन- मुटाव हुआ ही नहीं। अस्पताल और मरीजों के बीच हम दोनों परिवार और बच्चों के लिए समय निकाल लेते हैं। यदि जीवन में सामंजस्य है तो फिर जिंदगी की गाड़ी निर्बाध चलती रहेगी। इसलिए वे कोई भी मौका हो वे हमेशा साथ-साथ हैं।
 
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