शासन की ओर से जिले में 90 हजार लोगों को कोरोना टीका लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। इनमें फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ ही सभी सरकारी विभागों के कर्मचारी, 60 साल से अधिक के लोग, 45 साल से अधिक उम्र के बीमार लोग शामिल हैं। हालांकि, अभी तक सिर्फ 2800 लोगों को ही कोरोना का टीका लग सका है। इसको लेकर मंगलवार को डीएम चंद्रभूषण सिंह ने समीक्षा बैठक की। बैठक में तय हुआ कि अब प्रतिदिन सभी सीएचसी-पीएचसी पर टीकाकरण होगा। अगर, कहीं स्टाफ की कमी होगी तो वहां अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाएगा। इसकी निगरानी सीडीओ और एडीएम वित्त-राजस्व करेंगे।
कलक्ट्रेट परिसर में हुई बैठक में कोरोना कंट्रोल रूम प्रभारी स्मृति गौतम ने बताया कि जिन लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा रहा है, उनकी सूची स्वास्थ्य विभाग कंट्रोल रूम को नहीं दे रहा है। इसके चलते उनका फॉलोअप नहीं हो पा रहा है। शुरुआती चरण में सूची मिली थी तो लोगों का फॉलोअप किया गया था। उनमें से कुछ को हल्का बुखार, थकान की समस्या थी। इसके बाद टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने को लेकर चर्चा शुरू हुई। उसमें तय हुआ कि सभी सीएचसी तथा पीएचसी के एमओआईसी टीकाकरण के फोटो उपलब्ध कराएंगे। ईडीएम इसकी निगरानी करेंगे। समस्त तहसीलों में एसडीएम को निर्देश दिए गए कि 10 मार्च से सीएचसी तथा पीएचसी पर टीकाकरण होगा, जिसके फोटो डीएम वार रूम को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। साथ ही डीएम ने सीएमओ को निर्देश दिए कि जनपद में वृहद स्तर पर आयुष्मान कार्ड बनने हैं, जिसकी स्वास्थ्य विभाग रूपरेखा तैयार कर लें। आयुष्मान कार्ड बनाने में आशा कार्यकर्ता का सहयोग लें।