घर, परिवार, बच्चों से करीब 11 महीने से दूर और बिना अवकाश लिए सेवा में जुटे स्वास्थ्यकर्मी बेहद उत्साहित हैं। टीकाकरण के बाद हालात बदलने की उम्मीद है। कोरोना काल का अनुभव सुनाते समय तो एक महिला स्वास्थ्य कर्मी की आंखों से आंसू छलक पड़े।
लंबी प्रतीक्षा के बाद आज से टीकाकरण का शुभारंभ होने जा रहा है। टीका के लिए सबसे पहले चयन होेने पर स्वास्थ्यकर्मी गर्व महसूस कर रहे हैं। उन्हें यह भी महसूस हो रहा है सरकार उनके योगदान को समझ रही है। स्वास्थ्यकर्मियों को यह भी लग रहा है कि वर्तमान हालात से निकलने के लिए टीका ही सबसे अच्छा विकल्प है। महामारी ने लोगों को बहुत दर्द दिए हैं।
हमलोग इतिहास रचने जा रहे हैं : गीता
कोरोना काल के अनुभव को याद कर पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय की हेल्थ विजिटर गीता डे की आंखों से आंसू छलक पड़े। वह अमर उजाला से कहती हैं कि हमलोग इतिहास रचने जा रहे हैं। आने वाली पीढ़ी याद करेगी। हमलोगों ने पोलिया को खत्म किया है। अब कोरोना को खत्म करेंगे। टीकाकरण की तैयारी कार्य में जुटी गीता डे कहती हैं कि पिछले एक साल में बहुत परेशानी झेली है। हम ही नहीं बल्कि हमारे बच्चे और परिवार के सदस्य भी परेशानी झेल रहे हैं। घर-परिवार छोड़कर कोरोना मरीजों की सेवा कर रहे हैं। इस महामारी में लाखों लोगों का रोजगार चला गया। हजारों लोग अनाथ हो गए। लाखों लोग दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हुए। इन सब बातों को याद करने पर दुख होता है। मन रोने को करता है। टीका लगने के बाद सब कुछ ठीक हो जाएगा।
निर्भीक होकर लगवाएं टीके : डॉ. एबी सिंह
पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. एबी सिंह भी आज टीका लगवाएंगे। वह कहते हैं कि निर्भीक होकर टीके लगवाएं। कोरोना से बचाव के लिए यही सर्वोत्तम विकल्प है।
चिंता की कोई बात नहीं : डॉ. रेनू
मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय की सीएमएस डॉ. रेनू शर्मा का कहना है कि टीका हमारी सुरक्षा के लिए है। ट्रायल के बाद लगाया जा रहा है। यह हमारी सुरक्षा के लिए है। चिंता की कोई बात नहीं है।
कवच की तरह है टीका : मनोज
मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय के फार्मासिस्ट मनोज कुमार यादव का कहना है कि टीकाकरण खुशी की बात है। कोरोना से बचाव के लिए यह कवच की तरह है। हमें अपने वैज्ञानिकों पर गर्व है।