चुनाव आयोग इस बार विधान सभा चुनाव में मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए हर संभव उपाय कर रहा है। आयोग ने शहर के कोल व अलीगढ़ विधान सभा क्षेत्र में अनूठा प्रयोग शुरू किया है। मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में मतदाताओं को उर्दू में मतदाता सूची उपलब्ध कराने के साथ ही हिंदी में भी मतदाता सूची उपलब्ध रहेगी। प्रशासन ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं और दोनों तरह की मतदाता सूची छपवाने का काम भी शुरू हो गया है।
जिले की सातों विधान सभाओं में पहले चरण में 10 फरवरी को चुनाव होना है। आयोग चुनाव में मतदाताओं को जागरुक करने के साथ ही उनकी सुविधाओं का भी ध्यान रख रहा है। आयोग ने मुस्लिम इलाकों में हिंदी में मतदाता सूची पढ़ने में होने वाली दिक्कतों को देखतेे हुए उर्दू में मतदाता सूची छपवाने का निर्णय लिया है। इसमें कोल व शहर विधानसभा क्षेत्र का चयन किया गया है। इस बार सभी बूथों पर समय से पहले ही हिंदी व उर्दू में मतदाता सूची उपलब्ध करा दी जाएगी। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि हिंदी के साथ ही उर्दू में मतदाता सूची छपवाने का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस बार हर विधानसभा क्षेत्र में पांच-पांच पिंक बूथ भी बनेंगे। इन बूथों पर महिला कार्मिक तैनात रहेंगी। हर विधानसभा में एक दिव्यांग बूथ भी बनेगा। मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरुक बनाने के लिए कई बूथों पर सेल्फी प्वाइंट भी बनेंगे।