ऊपरकोट जामा मस्जिद पर जुमे की नमाज के बाद पर्चे बाँटता युवक।
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महानगर में जुमे की नमाज शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्वक ढंग से अदा हुई। नमाज के बाद जामा मस्जिद से उर्दू में पर्चा बंटने से पुलिस फोर्स सकते में आ गया है। एलआईयू भी पर्चे को लेकर परेशान हो गई। हालांकि, पर्चे में सामाजिक विद्वेष फैलाने जैसी कोई बात नहीं थी। अलबत्ता, पर्चे में कुछ मौलानाओं से होशियार रहने की बात थी।
नागरिकता संशोधन कानून व एनआरसी के विरोध की आशंका के चलते शुक्रवार को ऊपरकोट स्थित जामा मस्जिद के आसपास पुलिस व आरएएफ के जवान तैनात रहे। जुमा इमाम हाफिज व कारी शागिल ने जुमे की नमाज पढ़ाई। नमाजियों ने देश में अमन, चैन, खुशहाली की दुआ मांगी। नमाज मुकम्मल होने के बाद जामा मस्जिद की सीढ़ी से एक शख्स उर्दू में पर्चे बांटने लगा। पर्चे को बंटता देख पुलिस अधिकारियों में बेचैनी बढ़ गई। पर्चे में क्या लिखा, यह जानने के लिए वह पूछते रहे।
एलआईयू भी पर्चे की तहरीर जानने को परेशान थी। पर्चे बंटने के करीब 10-15 मिनट तक ऊहापोह की स्थिति रही। पर्चे की असलियत पुलिस अधिकारियों को उर्दू के जानकारों ने पढ़कर बताया कि मामला निकाह पढ़ाने के रजिस्टर को लेकर है। तब पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली। नमाज के बाद करीब एक घंटे तक फोर्स मौके पर तैनात रहा। पुलिस फोर्स की तैनाती होने के बाद भी बाजार में लोगों ने जमकर खरीदारी की। जमालपुर और एएमयू कैंपस में भी जुमे की नमाज कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण माहौल में हुई।