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एएमयू में बवाल: हॉस्टल में घटिया खाने पर भड़कीं छात्राएं, थाली-चम्मच बजाईं, जमीन पर गिरे डिप्टी प्रॉक्टर

Mon, 14 Sep 2026 10:09 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रॉक्टर टीम मौके पर पहुंची थी। छात्राओं का आरोप है कि टीम के साथ बातचीत के समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई। उन्होंने बताया कि प्रॉक्टर टीम के सदस्यों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। छात्राओं ने इस घटनाक्रम को बेहद गंभीर बताया है।
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एएमयू छात्राओं का हंगामा - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के वीमेंस कॉलेज स्थित अब्दुल्लाह हॉल में सोमवार सुबह हॉस्टल के खाने को लेकर छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। भोजन की गुणवत्ता में सुधार न होने का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में छात्राएं कॉलेज गेट पर पहुंच गईं। थाली-चम्मच बजाए, हाथों में संविधान की प्रतियां लेकर नारे लगाए और सात घंटे तक धरने पर बैठी रहीं। इसी दौरान छात्राओं और प्रॉक्टोरियल टीम के बीच धक्का-मुक्की हो गई। इसमें असिस्टेंट प्रॉक्टर डॉ. नैयर जमीन पर गिर पड़े।

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छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल के मेस में परोसे जा रहे खाने में कई बार कीड़े, प्लास्टिक, कांच के टुकड़े और बाल निकल चुके हैं। शिकायत करने पर भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। छात्राओं का कहना था कि खाने में कुछ निकलने की शिकायत पर उन्हें यह तक कह दिया जाता है कि ऊपर से गिर गया होगा, निकाल दो। इससे नाराज छात्राओं ने हॉस्टल में खाना बंद कर जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।
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दरअसल एएमयू के हॉस्टल में खराब गुणवत्ता के भोजन का यह पहला मामला नहीं है। बीते शनिवार रात सर सैयद हाल नार्थ के छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में रैली निकाली और शिकायत के लिए कुलपति आवास तक पहुंच गए। तब प्रबंधन से बेहतर गुणवत्ता का भोजन उपलब्ध कराने का आश्वासन मिलने पर मामला शांत हुआ, लेकिन एक दिन बाद सोमवार सुबह करीब सात बजे वीमेंस कॉलेज की छात्राएं गेट पर पहुंच गईं। 

थाली और चम्मच बजाते हुए छात्राओं ने अपने विरोध को अलग-अलग स्लोगन के जरिये सामने रखा। किसी ने हमारी मांगे पूरी करो, वी वॉन्ट जस्टिस के नारे लगाए तो किसी ने हाथों में संविधान की प्रतियां लेकर हम लेकर रहेंगे आजादी जैसे नारे भी लगाए। सूचना पर एएमयू के प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद नवेद खान सहित पूरी प्रॉक्टोरियल टीम मौके पर पहुंची। गेट खुलवाने और छात्राओं को पीछे हटाने को लेकर दोनों पक्षों में नोकझोंक हुई। इसी बीच दोनों पक्षों में धक्का मुक्की शुरू हो गई। 
आरोप है कि प्रॉक्टोरियल टीम के सदस्यों ने प्रदर्शन का वीडियो बना रही एक छात्रा का मोबाइल छीन लिया और उसे धक्का दिया। दोनों तरफ से धक्का-मुक्की में असिस्टेंट प्रॉक्टर डॉ. नैयर जमीन पर गिर पड़े। यहां से प्रदर्शन उग्र होने लगा और छात्राओं ने सुरक्षाकर्मियों और प्रॉक्टोरियल टीम पर अभद्रता का आरोप लगाया। कॉलेज के बाहर सड़कों पर बैठीं छात्राओं का प्रदर्शन सात घंटे तक चलता रहा। इसके बाद 12 छात्राओं का प्रतिनिधिमंडल बनाया गया और कुलपति ने उनसे मुलाकात की। प्रत्येक शिकायत का समाधान होने के आश्वासन मिलने के बाद दोपहर दो बजे प्रदर्शन खत्म हुआ। 

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10 दिन में चार बार हुई प्रोवोस्ट से बातचीत
एएमयू के प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद नवेद खान ने बताया कि भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्राओं में गुस्सा है। पिछले 10 दिन में चार बार भोजन की गुणवत्ता को लेकर प्रोवोस्ट से बातचीत हो चुकी है। छात्राओं की ओर से दिए गए सुझावों पर भी अमल किया गया है। उन्होंने कहा कि छात्राओं से मेस के लिए 1400 रुपये प्रतिमाह लिए जाते हैं, जो काफी कम हैं। इसके बावजूद छात्राओं की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है और भोजन की गुणवत्ता बेहतर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
परीक्षा प्रभावित
वीमेंस कॉलेज के गेट पर हुए प्रदर्शन का असर परिसर में संचालित अब्दुल्लाह स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की परीक्षाओं पर भी पड़ा। प्रदर्शन और अफरातफरी की स्थिति के कारण कुछ बच्चों की परीक्षा छूट गई। डिप्टी प्रॉक्टर प्रो. इफ्फत असगर ने बताया कि जिन बच्चों की परीक्षा छूट गई है, उन्हें दोबारा परीक्षा देने का अवसर दिया जाएगा।

गेट पर छात्र नेताओं को रोका, मीडिया से भी नहीं करने दी बात
छात्राओं के प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे छात्रनेता जैद शेरवानी और आरिफ त्यागी को प्रॉक्टोरियल टीम ने गेट पर ही रोक दिया। इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई। छात्र नेताओं का कहना था कि छात्राओं ने छात्रसंघ चुनाव में उन्हें वोट दिया था, इसलिए उनकी समस्या में साथ देने पहुंचे थे। वहीं छात्राएं अपनी शिकायत मीडिया के सामने रखना चाहती थीं, लेकिन उन्हें कॉलेज के अंदर भेज दिया गया। इससे नाराज छात्राओं ने नारेबाजी की और कुलपति से मुलाकात की मांग पर अड़ गईं।
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