10 दिन में चार बार हुई प्रोवोस्ट से बातचीत
एएमयू के प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद नवेद खान ने बताया कि भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्राओं में गुस्सा है। पिछले 10 दिन में चार बार भोजन की गुणवत्ता को लेकर प्रोवोस्ट से बातचीत हो चुकी है। छात्राओं की ओर से दिए गए सुझावों पर भी अमल किया गया है। उन्होंने कहा कि छात्राओं से मेस के लिए 1400 रुपये प्रतिमाह लिए जाते हैं, जो काफी कम हैं। इसके बावजूद छात्राओं की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है और भोजन की गुणवत्ता बेहतर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
परीक्षा प्रभावित
वीमेंस कॉलेज के गेट पर हुए प्रदर्शन का असर परिसर में संचालित अब्दुल्लाह स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की परीक्षाओं पर भी पड़ा। प्रदर्शन और अफरातफरी की स्थिति के कारण कुछ बच्चों की परीक्षा छूट गई। डिप्टी प्रॉक्टर प्रो. इफ्फत असगर ने बताया कि जिन बच्चों की परीक्षा छूट गई है, उन्हें दोबारा परीक्षा देने का अवसर दिया जाएगा।
गेट पर छात्र नेताओं को रोका, मीडिया से भी नहीं करने दी बात
छात्राओं के प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे छात्रनेता जैद शेरवानी और आरिफ त्यागी को प्रॉक्टोरियल टीम ने गेट पर ही रोक दिया। इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई। छात्र नेताओं का कहना था कि छात्राओं ने छात्रसंघ चुनाव में उन्हें वोट दिया था, इसलिए उनकी समस्या में साथ देने पहुंचे थे। वहीं छात्राएं अपनी शिकायत मीडिया के सामने रखना चाहती थीं, लेकिन उन्हें कॉलेज के अंदर भेज दिया गया। इससे नाराज छात्राओं ने नारेबाजी की और कुलपति से मुलाकात की मांग पर अड़ गईं।