अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अब्दुल्लाह हॉल में सोमवार को छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया। यह हंगामा मेस और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं को लेकर हुआ। छात्राओं ने अपनी समस्याओं पर नाराजगी जताई और नारेबाजी की। इस दौरान प्रॉक्टर टीम पर छात्राओं के साथ धक्का-मुक्की करने के गंभीर आरोप भी लगे।
अब्दुल्लाह हॉल की छात्राएं मेस में भोजन की गुणवत्ता से असंतुष्ट थीं। वे साफ-सफाई की खराब स्थिति को लेकर भी शिकायतें कर रही थीं। छात्राओं ने अन्य व्यवस्थाओं में भी सुधार की मांग की। उनका आरोप है कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं सुना गया। इसके बजाय, उन्हें कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही थी। इसी बात को लेकर छात्राओं में काफी नाराजगी थी। विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंची प्रॉक्टर टीम से बातचीत के दौरान स्थिति बिगड़ गई। छात्राओं ने आरोप लगाया कि टीम ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
छात्राओं की शिकायतें और नाराजगी
अब्दुल्लाह हॉल की छात्राओं ने मेस में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने हॉस्टल परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था को भी खराब बताया। छात्राओं ने अपनी इन समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा था। उनका कहना है कि शिकायतों को सुनने के बजाय उन्हें कार्रवाई की धमकी दी गई। इस व्यवहार से छात्राओं में भारी नाराजगी फैल गई। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रॉक्टर टीम पर धक्का-मुक्की के आरोप
विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रॉक्टर टीम मौके पर पहुंची थी। छात्राओं का आरोप है कि टीम के साथ बातचीत के समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई। उन्होंने बताया कि प्रॉक्टर टीम के सदस्यों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। छात्राओं ने इस घटनाक्रम को बेहद गंभीर बताया है। उन्होंने पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह आरोप विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है।
हंगामे से परीक्षा हुई प्रभावित
छात्राओं के इस हंगामे का असर अब्दुल्लाह स्कूल और एएमयू गर्ल्स स्कूल में होने वाली परीक्षाओं पर भी पड़ा। सोमवार को स्कूल परिसर में परीक्षाएं आयोजित होनी थीं। छात्राओं के अनुसार, अब्दुल्लाह हॉल में चल रहे घटनाक्रम के कारण वे परीक्षा नहीं दे सकीं। हंगामे की वजह से कई छात्राएं परीक्षा देने नहीं पहुंच पाईं। इससे परीक्षा देने पहुंची अन्य छात्राओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह स्थिति छात्रों के शैक्षणिक कार्यक्रम के लिए बाधा बनी।