यहां एएमयू की कक्षा 11 की प्रवेश परीक्षा भी थी। प्रॉक्टर ऑफिस और कॉलेज प्रोवोस्ट ऑफिस के लोग मौके पर पहुंचे लेकिन छात्राएं कुलपति प्रो. नईमा गुलरेज को बुलाने की मांग करने लगीं। छात्राएं छाता लेकर तपती धूप में धरने पर बैठ गईं। थाली पीटकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। दोपहर करीब 1:30 बजे कुलपति प्रोफेसर नईमा गुलरेज मौके पर पहुंचीं, लेकिन वह आधा घंटे तक अपनी गाड़ी में ही बैठी रहीं। इससे छात्राएं भड़क गईं। बाद में तीन छात्राएं कुलपति से बातचीत करने उनकी कार तक आईं। यहां पर बातचीत बेनतीजा रही और छात्राएं धरना प्रदर्शन करती रहीं।
छात्राओं का रोष देख कुलपति गाड़ी से उतरकर उनके बीच पहुंचीं, लेकिन इसी दौरान छात्राओं ने पानी दो, बिजली दो और इंतजामिया नकारा है, हम न्याय चाहते हैं जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके बाद कुलपति प्रो. गुलरेज प्रोवोस्ट कार्यालय पहुंच गईं। यहां पर कुछ छात्राओं को भी बुलाया गया। छात्राओं ने अपनी समस्याएं रखीं। बताया कि बिजली पानी के तात्कालिक संकट के अलावा ह़ॉस्टल का रखरखाव बहुत खराब है। दीवारों पर सीलन है। कैंटीन का खाना खराब है। छात्राएं तत्काल समाधान चाहती थीं लेकिन कुलपति इसके लिए वक्त मांग रही थीं। यहां से कुलपति उठ कर कॉलेज के अंदर चली गईं। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें घेरा बनाकर प्रोवोस्ट कार्यालय से कॉलेज के अंदर तक पहुंचाया।
अब छात्राओं ने प्रोवोस्ट ऑफिस का गेट बंद कर उस पर ताला जड़ दिया। कुलपति जब यहां से जाने को अपनी गाड़ी में बैठीं तो छात्राएं उनकी गाड़ी के आगे खड़ी हो गईं। एक बार फिर सुरक्षा कर्मी कुलपति को गाड़ी से कॉलेज में ले गए। कॉलेज का गेट बंद कर दिया तो छात्राओं ने धक्का मारकर गेट खोलने की कोशिश की। किसी तरह कुलपति को कॉलेज के पीछे के गेट से सुरक्षित निकाला गया। दोपहर तीन बजे एएमयू प्रशासन और कॉलेज प्रशासन ने छात्राओं को कुलपति की ओर से आश्वासन दिया कि 10 दिन के अंदर उनकी सभी समस्याएं दूर की जाएंगी, इसके बाद ही छात्राओं का रोष शांत हुआ।
परीक्षा देने आई छात्राएं धक्का मुक्की के बीच बाहर आईं, अभिभावक भी भड़के
वीमेंस कॉलेज परिसर में सीनियर सेकेंडरी स्कूल को कक्षा 11 की परीक्षा का केंद्र बनाया गया था। यहां पर पहली पाली की परीक्षा दोपहर 12 बजे समाप्त हुई तो पेपर देकर बाहर आ रही छात्राओं को धक्का मुक्की के साथ सुरक्षा कर्मियों ने बाहर निकला। यह देखकर कॉलेज के बाहर खड़े उनके अभिभावकों को चिंता होने लगी। उन्होंने व्यवस्थाओं को लेकर नारेबाजी की। किसी तरह सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को संभाला। छात्राओं को बाहर निकाला। अभिभावकों को शांत किया।
हॉस्टल में खाने की गुणवत्ता की भी समस्या रहती है। कई बार शिकायत कर चुके हैं।- मसीहा
कोई बताने वाला नहीं था कि बिजली क्यों नहीं है। पूछने पर सही से जवाब नहीं देते । - सकीना
हॉस्टल में कमरे की दीवारों पर सीलन है। कोई देखने सुनने वाला नहीं है। - रुकिया
हॉस्टल में बिजली के साथ पानी का भी संकट हो गया। इसके समाधान के लिए कुछ नहीं किया। - हफजा खान
बिजली पानी की समस्या को लेकर छात्राओं ने प्रदर्शन किया था। उनको समझाया गया। उनकी बात सुनी गई। 10 दिनों में छात्राओं की सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। हॉस्टल में पावर बैकअप की व्यवस्था भी की जाएगी।-प्रो. मो. वसीम अली, प्रॉक्टर, एएमयू