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यूपीआई : व्यापारी बोले-बंद कर देंगे भुगतान लेना

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दर्शन शर्मा । - फोटो : samvad
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यूपीआई पर दो हजार से अधिक का भुगतान लेने में लागू की जा रही कर व्यवस्था का व्यापारी पुरजोर विरोध कर रहे हैं। कुछ व्यापारियों ने यह तक कह दिया है कि वह धीरे-धीरे इससे भुगतान लेना बंद कर रहे हैं। कुछ बोले 15 अक्तूबर तक सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
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अगर सरकार ने चार्ज वापस नहीं लिया तो मजबूरी में बंद करना होगा। व्यापारियों ने कहा कि सरकार पहले लोगों को आदत लगवाती है और बाद में हर व्यवस्था में कर लागू कर वसूली पर उतर आती है।


हम यूपीआई से भुगतान लेना बंद कर रहे हैं। ग्राहकों से नकद लेन-देन करने के लिए कह रहे हैं। कर का और बोझ सहन करना मुश्किल है।
नौरंगीलाल, किराना कारोबारी, निरंजनपुरी।

सराफा में छोटी खरीदफरोख्त भी आठ से दस हजार की होती है। अगर यूपीआई से भुगतान लेंगे तो कर देते-देते हालत खराब हो जाएगी। इसको बंद करना पड़ेगा।
कंचन कुमार गुप्ता, सराफा कारोबारी, क्वार्सी।

15 अक्तूबर के बाद भी अगर कर लेने की व्यवस्था में बदलाव नहीं हुआ तो मजबूरी में हमें यूपीआई से भुगतान लेना बंद करना पड़ेगा। यह कदम उचित नहीं है।
प्रमोद कुमार, तालसपुर बंबा, रामघाट रोड।

ग्राहकों से नकद भुगतान मांग रहे हैं, ताकि यूपीआई से भुगतान की आदत कम की जाए। पहले से ही कर का बोझ बहुत ज्यादा है, इसे और ज्यादा सहन नहीं किया जा सकता है।
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रोहित अग्रवाल, मिष्ठान विक्रेता, रामघाट रोड।

यूपीआई से भुगतान लेना कम कर रहे हैं। 15 अक्तूबर तक अगर सरकार ने इस पर से कर नहीं हटाया तो इस सेवा को ही बंद करना पड़ेगा और कोई रास्ता नहीं है।
गौरव कुमार, दवा विक्रेता, रामघाट रोड।

सरकार ने पहले लोगों को यूपीआई की आदत डलवाई और अब उस पर कर लगाकर आय करने का प्रबंध कर रही है। डिजिटल लेनदेन को ऐसे बढ़ावा नहीं दिया जा सकता है।
दर्शन शर्मा, रामघाट रोड।
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