नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान 23 फरवरी 2020 को ऊपरकोट में हुए सांप्रदायिक बवाल के आरोपी लईक उर्फ बब्बर की रासुका अवधि को प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने जुलाई तक बढ़ा दी है। लईक जेल में बंद है। रासुका वहीं तामील कराई गई है।
23 फरवरी 2020 को ऊपरकोट में महिलाओं की ओर से सीएए और एनआरसी के विरोध में धरना प्रदर्शन किया जा रहा था। इसी बीच शाम चार बजे कुछ अराजक तत्वों ने महिलाओं की भीड़ को उकसाते हुए पुलिस पर पथराव शुरू करा दिया। इसके बाद बवाल की आंच बाबरी मंडी तक पहुंची थी, जहां सांप्रदायिक टकराव हो गया था।
इस मामले में आरोपी इमरान, अनवर, साबिर उर्फ मिलन, फईमुद्दीन पर प्रशासन की रिपोर्ट पर शासन ने जुलाई 2020 में ही रासुका तामील करा दी थी। 27 जुलाई 2020 को जेल में बंद लईक उर्फ बब्बर निवासी ऊपरकोट के खिलाफ भी शासन ने रासुका की कार्रवाई कर दी थी।
अब लईक की रासुका अवधि को बढ़ा दिया गया है। आदेश में साफ है कि रासुका अवधि 27 जुलाई 2020 से अनंतिम रूप से 12 माह यानी जुलाई तक के लिए होगी। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि कानून व्यवस्था को क्षति पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।