खोदाई के दौरान ढाय गिरने से दबे मजदूर महेंद्र सिंह की मौत
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अलीगढ़ में रेलवे रोड पर सीवर लाइन व पेयजल पाइप लाइन की खोदाई के दौरान ढाय गिरने से दबे मजदूर महेंद्र सिंह की मौत सिर व पसलियों में गंभीर चोट आने के कारण हुई। फेफड़ा के फटने से भी रक्तस्राव हुआ। यह खुलासा उनके शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। उधर, जेई पर जबरन मजदूरों को गड्ढे में उतारने का आरोप लगाते हुए थाना बन्ना देवी पर तहरीर दी गई है।
रेलवे रोड पर शनिवार दोपहर अप्सरा सिनेमा के पास क्षतिग्रस्त पेयजल पाइप लाइन की मरम्मत के लिए खोदे गए 20 फीट गहरे गड्ढे में ढाय खिसकने से गिरे मजदूर महेंद्र सिंह की माैत हो गई थी। दो अन्य मजदूर राजकुमार व प्रमोद घायल हुए थे।
सीओ बन्नादेवी धनंजय सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों के अनुसार महेंद्र के सिर व पसलियों में काफी गंभीर चोटें आई थीं। फेफड़ा फट जाने से अंदर काफी रक्तस्राव हुआ था, जिसके चलते उसकी मौत हुई है।
सवाल यह गीली मिट्टी की ढाय गिरने से सिर में चोट कैसे आई। घटना के बाद हड़बड़ाहट में जेसीबी मशीन ने गिरने के स्थान के बराबर में मिट्टी निकाली गई थी, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। ऐसे में यह भी चर्चा है कि जेसीबी से मिट्टी निकालने के दौरान तो महेंद्र के सिर में चोट नहीं आई।
रेलवे रोड पर शनिवार को हुई घटना के मामले में मजदूर महेंद्र सिंह की मां शारदा देवी निवासी अकनगला- दवथला, थाना जवां ने रविवार को थाना बन्नादेवी में तहरीर दी है। इसमें कहा है कि चार दिन से उनका बेटा महेंद्र अपने साथी मजदूर प्रमोद, राजकुमार, मनीष, धर्मेंद्र, राहुल समेत छह लोग रेलवे रोड पर पाइप लाइन के काम में लगे थे।
आरोप लगाया कि जलकल विभाग के जेई ने महेंद्र सिंह, प्रमोद, राजकुमार को जबरदस्ती शनिवार को 14 फीट गहरे गड्ढे में बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के लापरवाहीपूर्वक नीचे उतार दिया। इसी दौरान बड़ी मात्रा में मिट्टी का मलबा ढह गया।
मलबे में दबने से जेसीबी की मदद से उनके बेटे को बाहर निकाला गया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने उनके बेटे महेंद्र को मृत घोषित कर दिया। सीओ बन्नादेवी धनंजय सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है, अभी इसकी जांच की जा रही है। इसके बाद विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
घटनास्थल के पास बंद रहीं दुकानें, परेशान रहे दुकानदार और राहगीर
रेलवे रोड पर अप्सरा सिनेमा के पास हुए हादसे के बाद नगर निगम ने खोदे गए जानलेवा गड्ढे को बंद करा दिया है। हादसे के बाद गड्ढे के आसपास वाली दुकानों को भी एहतियात के तौर पर बंद करा दिया गया है। रविवार को नगर निगम की छह टीमें क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों को दुरुस्त करने में लगी रहीं, जिनमें से दो को सही कर पानी की आपूर्ति बहाल करने का दवा किया गया है।
पेयजल की क्षतिग्रस्त तीसरी पाइप लाइन की मरम्मत का काम भी देर रात जारी था। वहीं खूनी गड्ढे को बंद कराने के साथ ही सीवर लाइन का काम बाद में शुरू कराने की बात कही जा रही है। नगर निगम के जलकल विभाग के महाप्रबंधक पीके सिंह के नेतृत्व में हादसे के दूसरे दिन रेलवे रोड पर सुबह करीब 11 बजे क्षतिग्रस्त हुईं तीनों पेयजल लाइनों को दुरुस्त करने का काम छह टीमों ने शुरू कर दिया।
इस दौरान सड़क के दोनों ओर बेरिकेडिंग कर आवागमन रोक दिया गया।निर्माण कार्य के चलते रविवार को दिन में दुकानदारों, ग्राहकों व राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्हें काफी घूमकर निकलना पड़ा।
समिति ने शुरू की जांच
हादसे की जांच के लिए अपर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। इस समिति ने रविवार को अपनी जांच शुरू कर दी है।
काश हादसे से पहले कर लिए होते ये इंतजाम
हादसे के बाद नगर निगम कर्मचारी सुरक्षा मानकों का पालन करते नजर आए। अधिकारी भी काम में जुटे कर्मचारियों को रोकते व टोकते नजर आए। कर्मचारियों के गड्ढे में उतरते समय सुरक्षा जैकेट पहनने के साथ ही रस्से व जाल की मदद ली गई। अधिकारी पूरे कार्य के दाैरान निगरानी बनाए रहे। विभागीय विशेषज्ञों की भी मदद ली गई।
-सीवर लाइन डालने के दाैरान क्षतिग्रस्त हुईं तीन पेयजल पाइप लाइन में से दो को सही कर लिया गया है। तीसरी लाइन को दुरुस्त करने का काम जारी है। रविवार की देर रात तक कोशिश की जा रही है कि संबंधित इलाकों में ठप पेयजल आपूर्ति को सुचारू करा लिया जाए। गड्ढे को बंद करा दिया गया है। सीवर लाइन का काम अब बाद में कराया जाएगा।- पीके सिंह, महाप्रबंधक, जलकल
शहर में चल रहे निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का पालन कराने के लिए नगर आयुक्त से वार्ता की गई है। पर्याप्त सुरक्षा के साथ सभी निर्माण कार्य पूरे कराए जाएं। पीड़ित मजदूर परिवार के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं। परिवार को अधिकाधिक मुआवजा दिलाया जाए। - अनिल पारासर, कोल विधायक
शहर में सीएम ग्रिड या अन्य विकास कार्यों के चल रहे कार्यों में मानवीय सुरक्षा सर्वोपरि है। यदि इसके बाद भी लापरवाही बरती गई है तो संबंधित दोषी पर कठोर कार्रवाई होगी। खुद मुख्यमंत्री ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। - इंजी. राजीव शर्मा, महानगर अध्यक्ष, भाजपा