हाथरस के एक गांव से यूपी के 47 जिलों के 984 जन्म प्रमाण पत्र जारी होने के गोलमाल की आंच दो और ग्राम पंचायत बीजलपुर व रहपुरा तक पहुंच गई है। बीजलपुर व रहपुरा से भी दूसरे जिलों और राज्यों के 1100 ऐसे ही जन्म प्रमाण पत्र जारी हुए हैं।
अभी सिंचावली सानी ग्राम पंचायत से जारी 984 जन्म प्रमाण पत्रों की गुत्थी सुलझी भी नहीं थी कि बुधवार को रहपुरा और बीजलपुर ग्राम पंचायत से भी 1100 जन्म प्रमाण पत्र जारी होने का मामला प्रकाश में आया है। यह प्रमाण पत्र पंचायत की ही आईडी से जारी हुए हैं। अब हाथरस से जारी होने वाले प्रमाण पत्रों की संख्या 2084 पहुंच गई है।
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सादाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत बीजलपुर व रहपुरा की लॉग इन आईडी जब यहां के वीडीओ ने चेक की तो पता चला कि उनके गांव के नाम से भी प्रमाणपत्र जारी हुए हैं। रहपुरा ग्राम पंचायत की आईडी से 400 और बीजलपुर की आईडी से 700 प्रमाणपत्र बने हैं। यह प्रमाणपत्र यूपी के साथ ही मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के जिलों में रहने वाले लोगों के नाम से जारी हुए हैं।
वहीं प्रमाणपत्रों का हल्ला मचने के बाद सभी ग्राम पंचायतों की आईडी चेक कराई जा रही हैं। जनपद से जारी होने वाले प्रमाणपत्रों की संख्या बढ़ सकती है। देर शाम तक सीएमओ कार्यालय में सभी सचिव अपनी-अपनी आईडी के सत्यापन में जुटे रहे। जिलाधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि सत्यापन में जो प्रमाणपत्र सामने आ रहे हैं, उनको निरस्त कराया जाएगा।
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मुख्यालय को भेजी जाएगी रिपोर्ट, निरस्त होंगे प्रमाणपत्र
अब तक तीन ग्राम पंचायतों की आईडी से जारी 2084 जन्म प्रमाणपत्रों को निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी, ताकि इन प्रमाणपत्रों का ऑनलाइन सत्यापन न हो सके और भविष्य में इनका प्रयोग न किया जा सके।
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जिले की ग्राम पंचायत सिंचावली सानी से 984, बीजलपुर 700 और रहपुरा से 400 अन्य राज्यों और जिलों के जन्म प्रमाण पत्र बनने का खुलासा होने के बाद प्रशासन के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि इन प्रमाण पत्रों का प्रयोग आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र बनवाने में तो नहीं किया गया।
कहीं, इन प्रमाण पत्रों के जरिए यूपी के साथ अन्य छह राज्यों में भी लोगों ने अपने आप को स्थापित तो नहीं कर लिया। इन सभी बिंदुओं से प्रशासनिक अधिकारी इनकार नहीं कर पा रहे हैं। डीएम आशीष कुमार ने बताया कि इन आईडी से जारी सभी प्रमाणपत्रों को निरस्त कराने की प्रकिया शुरू की जाएगी।
एक गांव से कैसे जारी हुए 47 जिलों के लिए जन्म प्रमाण पत्र, एजेंसियां जुटी जांच में
ग्राम पंचायत सिंचावली सानी के वीडीओ की आईडी से प्रदेश के 47 जिलों के लिए जन्म प्रमाणपत्र जारी होने के बाद हड़कंप मच गया है। खुफिया एजेंसियां पड़ताल में जुट गईं हैं। विभागीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। उधर, डीएम आशीष कुमार के आदेश पर ग्राम पंचायत सिंचावली सानी के ग्राम पंचायत अधिकारी ईश्वरचंद ने बुधवार देर शाम हसायन थाने में तहरीर दे दी है।
मैनपुरी के 484 तो बलिया के जारी हुए 42 प्रमाणपत्र
ग्राम पंचायत सिंचावली सानी के ग्राम पंचायत अधिकारी की आईडी से उत्तर प्रदेश के 46 जिलों में से मैनपुरी के 484 तो बलिया के 42 प्रमाणपत्र जारी हुए हैं। हालांकि नोएडा, इटावा, वाराणसी, कानपुर भी प्रमाणपत्र बनवाने की दौड़ में पीछे नहीं हैं। ताज्जुब की बात तो यह है कि सिंचावली सानी की आईडी से 76, 66, 64, 65 वर्ष के लोगों के भी जन्म प्रमाणपत्र बने हैं। इस उम्र में इन लोगों के जन्म प्रमाणपत्र बनना किसी गहरी साजिश की तरफ इशारा करता है।
एजेंसियां जुटी जांच में
हसायन विकास खंड की ग्राम पंचायत सिंचावली सानी के वीडीओ की आईडी से प्रदेश के 47 जिलों के लिए जन्म प्रमाणपत्र जारी होने के बाद हड़कंप मच गया है। खुफिया एजेंसियां पड़ताल में जुट गईं हैं। विभागीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और अभिसूचना ईकाई (एलआईयू) इस मामले की गहराई से जांच कर रहीं हैं। यह जानने की कोशिश हो रही है कि इसके पीछे है कौन। इन प्रमाण पत्रों का कहीं गलत प्रयोग तो नहीं किया गया है। कहीं इन जन्म प्रमाणपत्रों से आधार कार्ड तो नहीं बनवाए गए।