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UP: युवक को सांप ने काटा, थाली पीटते रहे लोग, मंत्र फूंकता रहा बायगीर अंधविश्वास के जहर ने ले ली युवक की जान

Mon, 06 Jul 2026 11:46 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

हाथरस के सिकंदराराऊ के गांव कचौरा में रविवार तड़के युवक को सांप ने डस लिया। परिजन और ग्रामीणों ने इलाज के बजाय नीम के पत्तों और गोबर में में लपेटकर एक गड्ढे में लिटा दिया गया। इस दौरान लोग थाली पीटते रहे। बायगीर मंत्र फूंकता रहा। अंधविश्वास के जहर में युवक की मौत हो गई।
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UP Man Dies After - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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हाथरस के सिकंदराराऊ में सर्पदंश पीड़ित धर्मेंद्र सिंह यादव (35) को नीम के पत्तों और गोबर में में लपेटकर एक गड्ढे में लिटा दिया गया। उनकी हालत बिगड़ रही थी और ग्रामीण थाली पीट रहे थे। बायगीर मंत्र फूंकता रहा, इसी अंधविश्वास (टोने-टोटके) में दो घंटे बीत गए और धर्मेंद्र की जान चली गई।
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घटना रविवार तड़के करीब चार बजे की है। धीरेंद्र सिंह यादव देवरिया के बढ़वा टोली, वार्ड नंबर 12 सलेमपुर मझरिया टोली के रहने वाले थे और सुमेरपुर स्थित एक आयुर्वेदिक फार्मेसी में नौकरी करते थे। वह अपनी पत्नी पिंकी के साथ गांव कचौरा में एक मकान में किराए पर रह रहे थे।

रविवार तड़के सोते समय उनके ऊपर सर्प गिर गया और उनके कान को डस लिया। उन्होंने सर्प को उठाकर फेंक दिया और वह रेंगता हुआ घर से बाहर भाग गया। पता लगते ही ग्रामीणों ने बायगीर बुला लिए, जिन्होंने झाड़-फूंक शुरू कर दी। करीब दो घंटे बाद एक निजी चिकित्सक को बुलाया गया, जिसने धर्मेंद्र को मृत घोषित कर दिया।
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सर्प दंश के 90 प्रतिशत मामलों में डर से मौत होती है। कोबरा और करैत जैसे जहरीले सर्पों के मामले में एक घंटा बहुत महत्वपूर्ण होता है। उसके बाद जोखिम बढ़ता जाता है। सर्प का जहर 40 से 45 मिनट में तंत्रिका तंत्र और दिल पर असर डालना शुरू कर देता है। इसी बीच यदि एंटी वेनम वैक्सीन लग जाए तो जहर शरीर के अंगों को नुकसान नहीं पहुंचा पाता। ऐसे में झाड़-फूंक में वक्त जाया नहीं करना चाहिए।- प्रोफेसर अथहर अंसारी, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग, जेएन मेडिकल कॉलेज

सर्प दंश के बढ़ते मामले
चार जुलाई को सिकंदराराऊ में घर में सो रही नौ वर्षीय बच्ची सौम्या की सर्पदंश से मौत।
दो जुलाई को गांव राघनियां में वॉशिंग मशीन में छिपे सर्प ने महिला सहित दो को डसा, इलाज से बची जान।
जून माह में खेत पर कंडे लेने गई महिला संजू देवी की सर्प के डसने से मौत
जून माह में गोंडा क्षेत्र के गांव मजीपुर में चारा काट रहे राजेंद्र की सर्प के डसने से मौत।

अकराबाद में युवक को डसा, तीन घंटे बायगीर करते रहे झाड़फूंक
अकराबाद के गांव जुझारपुर निवासी कुंतेश यादव को खेत से चारा लाने के लिए जाते समय रविवार की सुबह करीब 10 बजे सर्प ने डस लिया। परिजन उन्हें बायगीरों के पास लेकर दौड़ पड़े। करीब तीन घंटे तक बायगीर झाड़-फूंक करते रहे, लेकिन फायदा नहीं मिला। बाद में परिजन उन्हें अलीगढ़ ले गए, जहां उपचार के बाद उनकी जान बची। 

बरसात और उमस भरी गर्मी में खतरनाक हो जाते हैं सर्प
जानकारों के अनुसार बारिश का पानी भरने से सर्प बिलों और गड्ढों से बाहर आ जाते हैं और सूखी व ऊंची की जगह की तलाश करते हैं। मानसून का मौसम कोबरा और रसेल वाइपर के प्रजनन का समय भी होता है। हार्मोनल बदलावों के कारण वे सामान्य से अधिक उत्तेजित और आक्रामक हो जाते हैं। 
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सर्प अपने शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं कर सकते, ऐसे में वह उमस और गर्मी से बचने के लिए घर के ठंडे कोनों, बाथरूम और गीले कपड़ों के ढेर में बैठ जाते हैं। यह अपनी केंचुली भी छोड़ते हैं, इस दौरान इन्हें ठीक से दिखाई नहीं देता और यह खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। खतरा होने या छेड़े जाने पर तुरंत डस लेते हैं।
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