मरीजों की सहायता के लिए जिला अस्पताल के द्वार पर लगाई गई हेल्प डेस्क
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मरीज बोले.. धन्यवाद मंत्री जी
मलखान सिंह जिला अस्पताल में शनिवार को आए मरीज और तीमारदार लक-दक व्यवस्थाएं देख गदगद हो गए। उन्हें न तो पर्चा बनवाने में ज्यादा समय लगा न ही डॉक्टर से परामर्श लेकर दवा लेने में। इसकी दो वजहें रहीं- पहला अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ होने से हर खिड़की पर काम तेज रफ्तार से हुआ। दूसरा-अस्पताल का मुख्य द्वार 12 बजे से ही बंद होने से वाहनों का प्रवेश भी नहीं हो सका, इसलिए भीड़ कम रही। यह सब देखकर हर मरीज यही कह रहा था कि मंत्री जी धन्यवाद... काश ऐसी व्यवस्था रोज रहे।
पत्नी को सर्दी जुकाम की शिकायत है, आज अस्पताल में सभी इंतजाम बहुत अच्छे थे। डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद दवा भी ले ली है।-माजिद, निवासी अधौन।
पेट दर्द की शिकायत थी, डॉक्टर से मिलकर परामर्श लिया, अब दवा लेकर लौट रही हूं। अस्पताल में आज की तरह ही व्यवस्थाएं रहें।-साधना, क्वार्सी।
मेरी मां और मुझे खांसी और बलगम की शिकायत है। दोनों ने दिखाकर दवाएं ली हैं। आज ज्यादा समय नहीं लगा। ऐसा ही इंतजाम रहे।-चमन, नींवरी मोड़।
मुझे वैर में कफ सिरप की दवा नहीं मिली, इसलिए अलीगढ़ आया। यहां भी सिरप नहीं मिला। अब दोबारा से अस्पताल आना पड़ेगा।-प्रेमचंद, निवासी वैर बुलंदशहर।
प्रदर्शन की तैयारी में थीं आशा और एएनएम, रोका
प्रदेश के डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बृजेश पाठक के सामने मानदेय बढ़ाने की मांग करने के लिए आशा और एएनएम मलखान सिंह जिला अस्पताल पहुंची थीं। लगभग 40 के करीब कर्मी यहां प्रदर्शन करने की तैयारी में थीं, लेकिन मंत्री के नहीं आने से उन्हें मायूस लौटना पड़ा।
आशा बार-बार कह रही थीं कि दो हजार रुपये के मानदेय में उनकी गृहस्थी कैसे चलेगी, गुजारा कैसे होगा। यही मांग वह स्वास्थ्य मंत्री के सामने उठाना चाहती हैं ताकि कुछ निर्णय हो सके। एएनएम भी इस बात पर अड़ी थीं। महिला कर्मियों का रोष देखकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी परेशान थे। उन्हें चिंता थी कि मंत्री के सामने बखेड़ा न हो जाए। इसलिए लगातार अधिकारी उन्हें समझाते रहे। मंत्री के आने की सूचना मिलने के बाद इन सभी कर्मियों को सभागार में ले जाने का प्रयास किया जा रहा था। सभागार के पास बनी पानी की टंकी तक इन सभी को पहुंचाया गया। इसके बाद जब मंत्री के आने का कार्यक्रम रद्द हो गया तो अफसरों ने राहत की सांस ली। मंत्री के नहीं आने पर आशा और एएनएम मायूस होकर लौट गईं। इस मौके पर राजकुमारी, सुनीता, साजिदा बेगम, ममता शर्मा, किरन तोमर, श्री देवी, पूजा गौतम, पुष्पा देवी, कविता शर्मा, अनीता, गीता शर्मा आदि मौजूद रहीं।