इगलास के इस गांव में बिजली तो है लेकिन स्ट्रीट लाइटें नहीं हैं। सभी के यहां शौचालय भी नहीं बने हैं। 2019 में भी ग्रामीणों ने विधानसभा उपचुनाव का बहिष्कार किया था। सीडीओ व कुछ नेताओं के आश्वासन पर वोट डाले लेकिन विकास के नाम पर नतीजा ढाक के तीन पात रहा।
उत्तर प्रदेश में आज प्रथम चरण के मतदान डाले जा रहे हैं। इसी चरण में अलीगढ़ जिले की सभी सीटों पर भी मतदान जारी है। हालांकि इस बीच अलीगढ़ की इगलास तहसील के गांव नबलपुर में ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया है। गांव नबलपुर जिला मुख्यालय से 20 किमी. दूर ग्राम पंचायत मनोहरपुर का मजरा मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
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कितनी पंचवर्षीय योजनाएं बदलीं लेकिन नहीं बदली तो सिर्फ गांव के विकास की तस्वीर। करीब 600 लोगों की जनसंख्या वाले इस गांव में विकास धरातल से कोसों दूर है। ग्रामीण विस चुनाव का बहिष्कार कर रहे हैं। बूथ पर 10:30 बजे तक सिर्फ गांव गंज के 13 वोट पड़े हैं।
गांव नबलपुर में पहुंचते ही दगरे जैसे हालात हैं, यहां जलभराव की स्थित बनी रहती है। ग्रामीणों को जलभराव से होकर निकलना पड़ता है। अंदर गांव में पुराने खड़ंजे ही लगे हुए हैं। सिर्फ एक गली इंटरलॉक कराई गई है। पक्की नालियां न होने से घरों से निकलने वाला गंदा पानी रास्ते में हिलोरे मारता है।
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गांव में बिजली तो है लेकिन स्ट्रीट लाइटें नहीं हैं। सभी के यहां शौचालय भी नहीं बने हैं। 2019 में भी ग्रामीणों ने विधानसभा उपचुनाव का बहिष्कार किया था। सीडीओ व कुछ नेताओं के आश्वासन पर वोट डाले लेकिन विकास के नाम पर नतीजा ढाक के तीन पात रहा।
अब पुनः ग्रामीण विस चुनाव का बहिष्कार कर रहे हैं। बूथ पर 10:30 बजे तक सिर्फ गांव गंज के 13 वोट पड़े हैं। नबलपुर के ग्रामीणों ने अभी तक एक भी वोट नहीं डाला है। ग्रामीणों का कहना है कि उच्चाधिकारियों द्वारा लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही वोट डालेंगे।