सीएम इसके बाद तीन तलाक मामले पर आ गए। उन्होंने कहा कि इस कुप्रथा के कारण जो मुस्लिम महिलाएं परेशान होती थीं उनको प्रधानमंत्री ने बड़ी राहत पहुंचाई है। भाजपा का लक्ष्य महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा कर महिला सम्मान करना है। नारी सुरक्षा करना हर आदमी का दायित्व है। अब यूपी में विकास चक्र तेजी से घूम रहा है। विकास में कोई अवरोध नहीं होना चाहिए, जो भी विकास में अवरोध पैदा करेगा, उसका स्थान जेल होगा।
सीएम ने कहा कि कांग्रेस, सपा और बसपा सरकारों की उपेक्षा के चलते अलीगढ़ का ताला उद्योग बंद होने के कगार पर था, लेकिन अब ऐसा नही हैं। एक जिला एक कारोबार में ताला उद्योग को रखा गया है। प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद नौजवानों को रोजगार दिलाने के लिए इन्वेस्टर्स सम्मिट लखनऊ में हुई थी। इसी दौरान पीएम ने डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना का एलान किया। इसमें अलीगढ़ को शामिल किया था। अब ये स्थापना होने जा रही है। इससे उलट सपा, बसपा परिवार तक सीमित तक होकर रह गई हैं। कांग्रेस ने हमेशा गरीबों का हक मारा है।
भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास का मंत्र लेकर जनता के साथ चल रही है। भाजपा सरकार आने पर उत्तर प्रदेश सहित अलीगढ़ के बूचड़खाने 24 घंटे में बंद कराए थे। भाजपा की सरकार से पूर्व प्रदेश में दंगे और गुंडाराज था। नौजवान बेरोजगार हो गए थे। भाजपा सरकार आने पर प्रदेश में शांति कायम करने के साथ नौजवानों को रोजगार दिलाए गए। ढाई लाख लोगों को सरकारी नौकरी मिली है। कोई भी रिश्वत नहीं ली गई।
ये रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में अलीगढ़ के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा, शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह, एटा सांसद राजवीर सिंह राजू, अलीगढ़ सांसद सतीश गौतम, हाथरस सांसद राजवीर दिलेर, विधायक ठा. दलवीर सिंह, ठा. जयवीर सिंह, अनिल पाराशर, संजीव राजा, अनूप प्रधान, ठा. रवेंद्र पाल सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू, बृज क्षेत्र अध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी, प्रदेश उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल, जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत आदि सभी नेता मौजूद रहे।
मुरसान रियासत के राजा महेंद्र प्रताप सिंह का जन्म एक दिसंबर 1886 को राजा घनश्याम सिंह के घर में हुआ था। तीन वर्ष की अवस्था में हाथरस के राजा हरनारायण सिंह ने भी महेंद्र प्रताप को गोद लिया था। इनका विवाह सिख जाट परिवार से आईं बलवीर कौर से हुई।
1895 में नौरंगीलाल इंटर कालेज में दाखिला लिया लेकिन पढ़ाई मोहम्डम एंग्लो ओरिएंटल कालेज में हुई। इस कॉलेज की स्थापना करने वाले सर सैयद अहमद खां से उनकी गहरी दोस्ती हुई। इसी दोस्ती और उच्च शिक्षा के प्रति लगाव की वजह से राजा ने सैकड़ों एकड़ जमीन इस कालेज को दान में दी, जिससे उसका विस्तार हो सके। यही कॉलेज बाद में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बना। इसी बीच 1906 में कांग्रेस से जुड़ कर स्वदेशी आंदोलन में साथ रहे।
1914 में 28 वर्ष की आयु में भारत छोड़ कर विदेशों से आजादी की लड़ाई के वास्ते समर्थन जुटाने के अभियान में जुड़े। पारसी क्रांतिकारी दादा चानजी केर के साथ मिल कर एक दिसंबर 1915 को प्रथम विश्व युद्ध के दौरान गवर्मेंट इन एक्साइल (आजाद भारत की पहली निर्वासित सरकार) अफगानिस्तान में बनाई और खुद उसके राष्ट्रपति बने। मौलवी बरकतउल्लाह इस निर्वासित सरकार के पहले प्रधानमंत्री बने थे। 29 अप्रैल 1979 में राजा महेंद्र प्रताप का निधन हुआ।