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यूपी बोर्ड ः हंगामे के बीच उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू

Sun, 18 Mar 2018 01:45 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़
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प्रदर्शन करते शिक्षक महासभा वित्तविहीन शिक्षक संघ के पदाधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
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यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम शनिवार को हंगामे के बीच शुरू  हुआ। वित्तविहीन शिक्षकों ने शहर के नौरंगीलाल राजकीय इंटर कॉलेज पर तालाबंदी कर मूल्यांकन का काम रोकने की कोशिश की। इस दौरान उन्होेंने कॉलेज के गेट पर कुछ समय के लिए जेडी की गाड़ी भी रोकी और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस व अधिकारियोें ने हस्तक्षेप कर उन्हें शांत किया। तदुपरांत प्रदर्शनकारी वहां से चले गए। शनिवार से सभी पांचों केंद्रों पर परीक्षकों व उप प्रधान परीक्षकों को निर्देश देकर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू करा दिया गया। डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा व एडीआईओएस डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने भी मूल्यांकन के ंद्रों का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। इधर, काफी वित्त विहीन शिक्षकों ने परीक्षा कार्य का बहिष्कार किया।
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यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन वित्त विहीन शिक्षकों के बहिष्कार व विरोध के बावजूद शुरू हो गया। वित्तविहीन शिक्षक महासभा ने मानदेय व अन्य मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार और मूल्यांकन केंद्रों पर तालाबंदी की चेतावनी दी थी। इसी के चलते महासभा के प्रांतीय महामंत्री नीरज शर्मा के नेतृत्व में वित्त विहीन शिक्षक यहां नौरंगीलाल जीआईसी के बाहर एकत्रित हो गए। इन शिक्षकों ने मूल्यांकन बहिष्कार का बैनर लगाकर वहां जमकर नारेबाजी की और कॉलेज के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी। हालांकि निकट छोटे गेट से इस दौरान आवागमन जारी रहा।

जब प्रदर्शनकारियों ने इस गेट को बंद करने की कोशिश की तो कॉलेज के प्रधानाचार्य शीलेंद्र कुमार व पुलिसकर्मी वहां आ गए। कॉलेज के प्रधानाचार्य ने प्रदर्शनकारियों से स्पष्ट रूप से कहा कि वह अपनी मांगों को लेकर भले ही प्रदर्शन करें, लेकिन मूल्यांकन के काम में बाधा पैदा न करें। जो परीक्षक कॉपी जांचने आए हैं। उन्हें कॉपी जांचने से न रोकें। यह आवश्यक कार्य में शामिल है। पुलिस ने भी इन्हें जबर्दस्ती न करने की हिदायत दी। इसी दौरान जब वहां जेडी (माध्यमिक शिक्षा) अपने कार्यालय में प्रवेश के लिए आए तो प्रदर्शनकारियों ने इनकी गाड़ी भी रोक ली।
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हालांकि  प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर वह भी वहां से चले गए। थोड़ी देर बाद प्रदर्शनकारी भी वहां से चले गए। इसके बाद वहां उप प्रधान परीक्षकोें व परीक्षकों को बैठक कर निर्देश दिए गए। इसके अलावा गोपीराम पालीवार इंटर कॉलेज में कॉलेज प्रधानाचार्य दीपक पालीवाल, हीरालाल बारहसैनी इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य अजय कुमार गुप्ता, एसएमबी इंटर कॉलेज में कृष्ण कुमार, अग्रसेन इंटर कॉलेज हरदुआगंज में शंभूदयाल रावत ने भी परीक्षकों के साथ बैठक कर बोर्ड के निर्देशों से अवगत कराया। तदुपरांत इन सभी केंद्रों पर शनिवार से भी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू हो गया। 

एडीआईओएस ने तुड़वाया ताला
शनिवार को जब डीआईओएस ऑफिस से नौरंगीलाल जीआईसी आने वाले छोटे द्वार का कुछ लोगों ने चुपचाप ताला लगा दिया तो एडीआईओएस डॉ.लक्ष्मीकांत पांडेय ने इस ताले को तुड़वा दिया। इसके बाद वहां से आवागमन सुचारु हो गया। एडीआईओएस का कहना है कि यह किसी शरारती तत्व का काम होगा। वैसे भी यह मुख्य द्वार नहीं है। यह तो डीआईओएस ऑफिस से इस कॉलेज में जाने वाला एक छोटा सा रास्ता है।   

वित्तविहीन शिक्षकों की मांगें की जाएं पूरी : जैन 
माध्यमिक शिक्षक संघ ने वित्तविहीन शिक्षक ों की मांगों का समर्थन किया है। शिक्षक विधायक जगवीर किशोर जैन ने कहा है कि छात्रों के भविष्य के लिए मूल्यांकन का अपना महत्व है, लेकिन वित्तविहीन शिक्षक भी अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष व नेता शिक्षक दल ओमप्रकाश शर्मा ने विधान परिषद में वित्त विहीन शिक्षकों को समान सेवा शर्त, समान वेतनमान, सम्मानजनक वेतन दिए जाने की मांग की है और सरकार से कहा है कि वह अपने आश्वासन को पूरा करे। उन्होंने कहा कि 6 अप्रैल को संघ के धरने में वित्तविहीन शिक्षकों की मांगें भी उठाई जाएंगी और उग्र व व्यापक संघर्ष की रूपरेखा तय की जाएगी। 

पहले दिन जांची गईं 15,823 उत्तर पुस्तिकाएं
मूल्यांकन के पहले दिन काफी परीक्षक व डिप्टी हेड गैरहाजिर रहे। एडीआईओएस डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि जिले को अब तक मूल्यांकन के लिए 15,823 उत्तर पुस्तिकाएं आवंटित की गई हैं। पहले दिन पांचों केंद्रों पर मूल्यांकन का काम शुरू हो गया है। पहले दिन 15,823 उत्तर पुस्तिकाएं जांची गई हैं। कॉपियोें के मूल्यांकन में 388 डिप्टी हेड व 3,773 परीक्षक लगाए गए हैं। पहले दिन 1615 परीक्षकों ने कॉपियां जांची और साथ ही 216 डिप्टी हेड भी ड्यूटी पर आए। उन्होंने बताया कि रविवार से और परीक्षक भी ड्यू्टी पर आ जाएंगे और उत्तर पुस्तिकाओं के जांच के काम में तेजी आएगी। 
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