बेमौसम बारिश ने जिले के किसानों को परेशानी में डाल दिया है। शनिवार मध्य रात्रि में शुरू हुई बारिश रविवार को दिन में रुक-रुककर हुई। शाम चार बजे के बाद शुरू हुई बारिश देर रात तक होती रही। इसके चलते इगलास तहसील में आलू और गेहूं की फसल को 33 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ है।
गोंडा ब्लाक के गांव मगला माधव और अजहरी में होने वाली कॉफी उत्पादन के लिए चकोरी की खेती को 40 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल ने देर रात तक राजस्व टीमों से सर्वे कराकर रिपोर्ट प्राप्त की। सोमवार को राजस्व, कृषि विभाग व बीमा कंपनियों की टीमें संयुक्त रूप से सर्वे कर किसानों के नुकसान का आकलन करेंगी। इसके बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी और तय मुआवजा नियमानुसार किसानों को दिया जाएगा।
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि इगलास तहसील के गोंडा ब्लाक के गांव नगला माधव, नगला फकीरा, अजहरी, नगला जंगली में ओलावृष्टि हुई है। आलू और सरसों की फसल में 33 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ है। चकोरी की खेती भी नगला माधव और अजहरी में होती है।
इस खेती को बारिश और ओलावृष्टि से करीब 40 प्रतिशत नुकसान हुआ है। गभाना में पांच प्रतिशत फसल को नुकसान पहुंचा है। आज राजस्व विभाग की टीम, कृषि विभाग की टीम और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि सर्वे करेंगे, जिससे की नुकसान का आकलन पूर्ण रूप से किया जा सके।
किसान खेत से बाहर निकाल दें पानी
जिला कृषि रक्षा अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि इस बारिश का किसानों को मिला-जुला असर देखने को मिलेगा, जिन किसानों नेे अपनी फसल में पानी लगा दिया है, उनके लिए यह बारिश कहर के समान है। ऐसे किसानों से अनुरोध है कि बारिश के पानी को आलू, सरसों, चना, गेहूं की फसल के खेत में रुकने न दें। किसी भी प्रकार से पानी को खेतों से बाहर निकाल दें। ऐसा न करने पर आलू का तना छोटा रह जाएगा।
वहीं, गेहूं में पीलापन आने की संभावना रहेगी। जिन किसानों ने अपने खेतों में पानी नहीं लगाया था, उनके लिए यह बारिश वरदान के समान है। ऐसे किसानों को अब खेत में पानी लगाने की जरूरत नहीं है। अगले दो से तीन दिन और बारिश होने की संभावना है। ऐसे में उन्हें खुद से अतिरिक्त पानी लगाने की जरूरत नहीं है।
- जिले में बारिश-ओलावृष्टि और बिजली गिरने से धन के साथ ही जन हानि भी हुई है। कोल तहसील के लोधा में एक और हरदुआगंज में दो लोगों की रविवार शाम तक बिजली गिरने से मौत हुई है। इन तीनों की रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। नियमानुसार, परिवार को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। वहीं, जहां भी खेती को बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है। उन सभी स्थलों का आज सर्वे कराया जाएगा। - विधान जायसवाल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
बारिश के बाद रामघाट रोड़ पर भरे पानी से होकर गुजरते वाहन।- फोटो : CITY OFFICE