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अलीगढ़: सिर में गोली लगने से युवक की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आत्महत्या की पुष्टि, पास में पड़ा था तमंचा

Thu, 10 Sep 2026 01:30 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

देवेंद्र (देव) उर्फ कलुआ (35) का उसके ही खेत में एक चारपाई पर लहुलूहान शव पड़े होने की सूचना मिली जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेसिंक टीम ने पाया कि तमंचा घटनास्थल पर मौजूद था।
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मृतक देवेंद्र (देव) उर्फ कलुआ - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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जट्टारी के जैदपुरा गांव में एक युवक की सिर में गोली लगने से मौत हो गई। उसका शव खेत में एक चारपाई पर पड़ा मिला और पास में तमंचा पड़ा था। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई, लेकिन देर रात आई पोस्टमार्टम में आत्महत्या की पुष्टि हुई।

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पुलिस ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह 10.30 बजे जैदपुरा गांव निवासी देवेंद्र (देव) उर्फ कलुआ (35) का उसके ही खेत में एक चारपाई पर लहुलूहान शव पड़े होने की सूचना मिली जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेसिंक टीम ने पाया कि तमंचा घटनास्थल पर मौजूद था। शव पर गनशॉट रेजिड्यू (जीएसआर) भी मिला है।
परिजनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने बताया कि सुबह देवेंद्र उर्फ कलुआ अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने गए थे। लाैटने पर घर में नाश्ता कर वे मानागढ़ी-जैदपुरा गांव के बीच अपने खेत स्थित वाशिंग सर्विस स्टेशन चले गए। सुबह करीब नौ से 10 बजे के बीच ग्रामीणों ने देवेंद्र का शव देखा तो पूरे गांव में सनसनी फैल गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि देवेंद्र बिल्कुल सामान्य थे। रोज की तरह सर्विस स्टेशन गए थे। वहां बाइक या किसी गाड़ी में पहुंचे हमलावर ने उन्हें निशाना बनाकर फायरिंग की जिससे उनकी माैत हाे गई। इसके बाद हमलावर भाग गए। देर शाम तक पूरे गांव में यह सवाल रहा कि आखिर देवेंद्र की हत्या किसने की, लेकिन देर शाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो गया।
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सीओ अभिषेक पटेल ने बताया कि मृतक के सिर में दाहिनी ओर से बेहद नजदीक से गोली लगकर बाईं ओर निकल गई। नजदीक से गोली लगने के कारण ब्लैकनिंग व टेटविंग होना पाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेसिंक जांच के बाद यह मामला आत्महत्या का है। फिर भी अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।

दिल्ली में सिक्योरिटी गार्ड रहे देवेंद्र
परिजनों के अनुसार, देवेंद्र जिम करने के शौकीन थे। नोएडा और दिल्ली में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर चुके थे। हालांकि कुछ समय पहले वे वापस गांव लौटे और यहां उन्होंने वाशिंग सर्विस सेंटर शुरू किया। बगल में परचून की दुकान भी खोल रखी थी। चार भाइयों में वह तीसरे नंबर पर थे। सबसे बड़े भाई धर्मेंद्र का करीब 10 साल पहले निधन हो चुका है। भूरा (मझले) और नरेंद्र (सबसे छोटे) भाई हैं। पिता राजेंद्र सिंह किसान हैं और पूर्व में भारतीय किसान यूनियन से जुड़े रहे। मां का भी निधन हो चुका है। करीब 10 साल पहले देवेंद्र की शादी हुई थी। वह अपने पीछे पत्नी निशा, बेटी उन्नति (7) और पुत्र मन्नू (5) को रोता छोड़ गए।

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