डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध कालेजों मेें पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को वर्तमान सत्र की परीक्षा में बड़ी राहत मिलने वाली है। अब हर प्रश्नपत्र में दस प्रश्नों को शामिल किया जाएगा, जिनमें से सिर्फ चार प्रश्नों को ही हल करना होगा। यह प्रस्ताव औटा ने कुलपति के समक्ष रखा तो छात्र हित में उन्होंने भी सहमति जताई है। औटा अध्यक्ष डॉ. ओमवीर सिंह ने बताया कि दस दिनों के अंदर होने वाली परीक्षा समिति की बैठक में ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (औटा) के अध्यक्ष डॉ. ओमवीर सिंह ने बताया कि उन्होंने परीक्षा के प्रारूप को लेकर कुलपति से चर्चा की है। कुलपति ने औटा के प्रस्ताव पर सहमति जताई है। आगामी दस दिनों के अंदर परीक्षा समिति बैठक कर इस प्रस्ताव पर निर्णय लेगी। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण काल के चलते कुलपति को प्रस्ताव दिया गया कि सभी यूनिटों से दो-दो प्रश्न लेकर प्रश्नपत्र तैयार किया जाए।
प्रश्नपत्र में कुल दस प्रश्न दिए जाएं, जिनमें से विद्यार्थियों को केवल चार प्रश्न हल करने के लिए कहा जाए। इससे विद्यार्थी परीक्षा भी दे सकेंगे और कोरोना संक्रमण काल में मानसिक दबाव कम हो जाएगा। बता दें कि विगत वर्षों से परीक्षाएं बहुविकल्पीय, लघु उत्तरीय व दीर्घ उत्तरीय प्र्रश्नों के साथ होती थीं। लेकिन वर्तमान सत्र में छात्र छात्राओं को राहत देने के लिए औटा ने दस में से चार प्रश्नों को हल करने का प्रस्ताव रखा है।