अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के शताब्दी वर्ष समारोह में मंगलवार को विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि सर सैयद ने 133 वर्ष पहले एक पेड़ के नीचे 7 छात्रों के साथ जो सफर शुरू किया था वह 37 हजार छात्रों और लाखों पूर्व छात्रों का एक विशाल काफिला बन गया है।
इस मौके पर वह सर सैयद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उन्होंने कहा कि एएमयू ने महामारी के समय बहुत योगदान दिया है। 1.4 करोड़ रुपये पीएम केयर फंड में दिए। 2 लाख से अधिक कोविड की जांच की गईं। इस तरह आपदा से निपटने में एएमयू ने बड़ी भूमिका निभाई। ज्ञान, विज्ञान और अनुसंधान में यहां पर उल्लेखनीय काम हुआ है।
उन्होंने कहा कि एएमयू के कैंपस में जो विविधता है उससे मिनी इंडिया की झलक मिलती है। सर सैयद ने एएमयू की आधारशिला रखते समय दो बिंदुओं पर खास ध्यान दिया। पुरातन और आधुनिक का समन्वय रहे, पूरब और पश्चिम में से जो बेहतर हो उसे लिया जाए।
साथ ही अतीत की भ्रांतियों को दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि 1964 में जब देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री एएमयू के दीक्षांत समारोह में आए थे तो उन्होंने कहा था कि देश के प्रति वफादारी सबसे ऊपर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब जेएनयू में गए उन्होंने नेशन फर्स्ट का नारा दिया था।