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अलीगढ़ : गरीबों के राशन पर ‘घटतौली’ का डाका

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कोरोना महामारी के दौरान गरीबों का धंधा रोजगार बंद होने के बाद सरकार हर संभव प्रयास कर गरीबों तक राशन पहुंचाने की कोशिश में लगी है। मगर, कोटेदार उनके राशन पर घटतौली करके डाका डाल रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक कांटों में सेंधमारी करके या राशन के साथ बोरे-बर्तन के वजन को भी तौल कर गरीबों का हक मार रहे हैं। मंगलवार को इगलास में तीन कोटेदारों के पकड़े जाने के बाद डीएम इस मामले में सख्त हो गए हैं। उन्होंने ऐसे घटतौली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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घटतौली के गहरे हैं तार
सरकारी कोटेदारों से लेकर किराना दुकानदार तक लेनदार को खूब चूना लगा रहे हैं। इस वर्ष में अब तक छापामारी के दौरान बाट-माप विभाग की टीम ने 200 दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई कर मुकदमा दर्ज किया है। इनसे सात लाख रुपये बतौर जुर्माना भी वसूला जा चुका है। इसके बाद भी यह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। 48 कोटेदारों को इस वर्ष अब तक बाट माप विभाग रंगे हाथों पकड़ चुका है। पूर्ति विभाग ने स्वयं की चेकिंग में 15 दुकानदारों को पिछले ही माह पकड़ा था। इस पर उनके खिलाफ 47 हजार का जुर्माना लगाया गया था। इसके साथ ही 130 किराना दुकानदारों को बाट-माप विभाग ने घटतौली और पैकिंग वाले सामान की दरों से छेड़छाड़ की चालबाजी में पकड़ा है।
सराफा भी नहीं है शरीफ
विधिक माप विज्ञान अधिकारी मनोज कुमार के मुताबिक घटतौली और चालबाजी में किराना दुकानदार और कोटेदार ही नहीं बल्कि बड़े कारोबारी भी शामिल हैं। इस वर्ष दो सराफा कारोबारियों को भी पकड़ा गया है। इनके कांटों में गड़बड़ी मिली है। मशीन सर्टिफाइड नहीं थी। इस पर इगलास के एक सराफा और मथुरा रोड के एक सराफा दुकान संचालक पर कार्रवाई की गई। इसके साथ ही जीटी रोड स्थित गोल्डी किराना स्टोर पर इस वर्ष का सबसे बड़ा जुर्माना 85 हजार रुपया एमआरपी से छेड़छाड़ के आरोप में लगाया गया है।
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यह है ग्राहक का अधिकार
विधिक माप विज्ञान अधिकारी मनोज कु मार के मुताबिक अगर ग्राहक को दुकानदार के इलेक्ट्रिक कांटे पर शक है तो वह उसके काटे की क्षमता के दसवें हिस्से के बराबर के बाट उससेे मांगकर स्वयं से वजन कर सकता है। अगर, 10 या 20 ग्राम का फर्क आता है तो कोई बात नहीं। इससे ज्यादा आने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। बाट उपलब्ध कराना दुकानदार का काम है। उसे हर हाल में बाट देन ही होंगे।
घटतौली करके जनता की जेब पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। कोटेदारों केे खिलाफ अभियान चलाने के साथ ही किराना दुकानदारों व अन्य कारोबारी जो कि पैकड फूड या कांटे-बाट के हिसाब सेे सामान बेचते हैं, उनके यहां चेकिंग के लिए बाट-माप विभाग को निर्देश दिए हैं।
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- चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी
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