अलीगढ़ के लोधा इलाके से किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म के दोषी सुमित को दस वर्ष की सजा सुनाई गई है, जबकि अपहरण में सहयोगी रहे उसके रिश्ते के मौसेरे भाई कृष्ण कुमार को पांच वर्ष की सजा सुनाई गई है। यह निर्णय एडीजे विशेष पॉक्सो द्वितीय प्रदीप कुमार राम की अदालत ने सुनाया है। साथ में अर्थदंड भी नियत किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार यह घटना 29 मई 2023 की है। रिपोर्ट दर्ज कराते हुए लोधा क्षेत्र के व्यक्ति ने बताया कि उनकी 14 वर्ष की बेटी घर पर अकेली थी। तभी आरोपी सुमित उसे अपने साथ फुसलाकर ले गया। उसे ले जाते हुए गांव के कुछ लोगों ने देखा। उसी आधार पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
बाद में पुलिस ने किशोरी को पकड़ा और नामजद सुमित के साथ उसके रिश्ते के मौसेरे भाई कृष्ण कुमार को भी दबोचा लिया। किशोरी ने बयान दिया कि वह जब घर में अकेली थी, तभी सुमित उसे कृष्ण कुमार के सहयोग से इस बहाने से लेने आया कि उसकी नानी बीमार है। जब उसने जाने से इन्कार किया तो उसे रुमाल सुंघाकर बेहोश कर नामजद बाइक पर ले गए।
बाद में एक कमरे पर ले जाकर तीन दिन तक वहां सुमित ने दुष्कर्म किया। कृष्णा ने उसका सहयोग किया। जबरन मंदिर में शादी भी की। बाद में पुलिस ने उन्हें पकड़ा। चार्जशीट के आधार पर ट्रायल में दोनों को दोषी करार दिया है, जिसमें सुमित को दुष्कर्म में 10 वर्ष व कृष्ण कुमार को अपहरण के सहयोग में पांच वर्ष की सजा से दंडित किया है। सुमित पर 65 व कृष्ण कुमार पर 15 हजार रुपये अर्थदंड नियत किया है, जिसमें से 50 हजार रुपये पीड़ित को देने के आदेश दिए हैं।