कुदरत अलीगढ़ और हाथरस में कहर बनकर टूटी। अलीगढ़ देहात क्षेत्र में बिजली गिरने से महिला समेत दो बुजुर्गों की मौत हो गई। एक शख्स तेज बारिश की वजह से ढहे मकान के मलबे में दबकर जान गंवा बैठा। प्रशासन के मुताबिक नौ मकान ढहे हैं जबकि 130 क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हाथरस में बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने 24 सितंबर को स्कूल बंद करने की घोषणा की है।
लगातार पांच दिनों की रिकार्डतोड़ बारिश से अलीगढ़ दुश्वारियां का शहर बना हुआ है। इस दौरान 144 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। बिजली गिरने से कोल तहसील के गांव नगौला में महिला बिस्मिल्लाह (65) और अतरौली क्षेत्र के गांव हमीरपुर में नेम सिंह (65) की मौत हो गई। जबकि तहसील गभाना के गांव गांवरी में ज्ञानचंद (62) ने ढहे मकान के मलबे में दबकर जान गंवाई है। कुदरती आफत के मारे लोगों को दैवी आपदा राहत कोष से मदद की घोषणा की गई है।
उधर अलीगढ़ शहर में शाहजमाल, गोविंद नगर, नौरंगाबाद, मैलरोज बाईपास, कुंवर नगर, पला रोड, भुजपुरा में लोगों के घरों में पानी भर गया है। इन इलाकों के बाशिंदों को खाने-पीने के भी लाले पड़े हैं। नगर निगम की बदइंतजामी से लोगों में काफी गुस्सा है। गूलर रोड, विक्रम कालोनी, विद्या नगर, स्वर्ण जयंती नगर, रामघाट रोड, सुरेंद्र नगर, सुदामापुरी में सड़कों पर डेढ़ से दो फुट तक पानी भर गया है।
अलीगढ़ देहात में 65 गांवों की बिजली गुल, दो सड़कें बहीं
अलीगढ़ ग्रामीण इलाके में 23 घर क्षतिग्रस्त हो गए। खंभे टूटने, तार टूटने, ट्रांसफार्मर व उपकरण फुंकने करीब 65 से अधिक गांवों में बिजली गुल रही। दस लोग दीवारें गिरने से घायल हुए। 18 पशुओं की मौत हुई। जलाली क्षेत्र में शाहजहांपुर गांव के पास दो माह पहले बनी सड़क का तीन मीटर हिस्सा कटकर पानी में बह गया। अतरौली के अहमदपुरा गांव में काली नदी के किनारे सड़क का कुछ हिस्सा कटकर बह गया। हरदुआगंज में दारापुर से तालसपुर के रास्ते पर पुराने खड़ंजे का कुछ हिस्सा भी बह गया।