फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aligarh: दादों में आंबेडकर की प्रतिमा लगाने पर दो पक्ष भिड़े, हंगामा, माहौल बिगाड़ा तो लगेगी एनएसए

Thu, 13 Mar 2025 09:21 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

गांव शेखूपुर सटकना में ग्राम समाज की भूमि पर मनरेगा पार्क बना हुआ है। इसी पार्क में एक प्रतिमा लगवाने के लिए चबूतरा पहले से बना हुआ है। यहां महात्मा गांधी की प्रतिमा लगाने की योजना थी। इसी बीच भीम आर्मी से जुड़े अनुसूचित वर्ग के कुछ युवकों ने रात करीब 11 बजे गुपचुप तरीके से चबूतरे पर आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी।
विज्ञापन
हंगामे की सूचना पर गांव शेखूपुर सटकना पहुंचे एसएसपी संजीव सुमन - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अलीगढ़ में रोरावर के बाद अब दादों इलाके के गांव शेखूपुर सटकना के मनरेगा पार्क में 12 मार्च रात कुछ युवकों ने बिना अनुमति डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लगा दी। सुबह होते ही मामले तूल पकड़ लिया। दो पक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों में मारपीट हो गई। इसे लेकर तनाव के हालात बन गए। पुलिस के हाथ पांव फूल गए। दोपहर में एसएसपी ने पहुंचकर लोगों को समझाकर प्रतिमा को हटवाया।

विज्ञापन


गांव शेखूपुर सटकना में ग्राम समाज की भूमि पर मनरेगा पार्क बना हुआ है। इसी पार्क में एक प्रतिमा लगवाने के लिए चबूतरा पहले से बना हुआ है। यहां महात्मा गांधी की प्रतिमा लगाने की योजना थी। इसी बीच भीम आर्मी से जुड़े अनुसूचित वर्ग के कुछ युवकों ने रात करीब 11 बजे गुपचुप तरीके से चबूतरे पर आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी। सुबह जब आवाजाही शुरू हुई तब लोगों की नजर इस पर पड़ी। जिसके बाद लोधी व बघेल समाज के लोग विरोध में आ गए और प्रतिमा लगाने का विरोध करते हुए हंगामा करने लगे।
विज्ञापन


प्रतिमा के विरोध की जानकारी पर गांव रुमामई, बिजौली, नगला, सिद्ध के रहने वाले भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी वहां पहुंचने लगे। सुबह नौ बजे तक वहां दोनों ओर से भीड़ जमा हो गई। तनाव के हालात बन गए। इसी बीच बिजौली से आए आंबेडकर प्रतिमा समर्थक कार्यकर्ता दो युवकों को दूसरे पक्ष ने पीट दिया। जिससे मामला तूल पकड़ गया।

बिना अनुमति सरकारी भूमि पर प्रतिमा लगाई गई थी। यह सब कुछ शरारती तत्वों ने किया है। उन्हें चिह्नित किया जा रहा है। उन पर कार्रवाई होगी। ग्रामीणों को समझाकर प्रतिमा को हटवा दिया गया है। अब अगर इस तरह से भाईचारा बिगाड़ने का प्रयास हुआ तो एनएसए तक की कार्रवाई की जाएगी। - संजीव सुमन, एसएसपी

खबर पर एसओ दादों वहां पहुंच गए। उन्होंने किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में किया। मगर आंबेडकर अनुयायियों ने पार्क को चारों ओर से घेर लिया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। जानकारी पर एसपी देहात, सीओ छर्रा, सीओ अतरौली सहित आधा दर्जन थानों के प्रभारी भी पहुंच गए। पुलिस ग्रामीणों को पार्क के आसपास से हटाने का प्रयास करती रही। लेकिन, ग्रामीण कुछ दूरी पर जमा हो गए। जब-जब पुलिस ने प्रतिमा हटाने के प्रयास किए, टकराव के हालात बन गए। कई बार पुलिस को भीड़ को दौड़ाना पड़ा। पुलिस की वीडियो बना रहे एक युवक को हिरासत में भी ले लिया।

एसएसपी ने दिखाया शासनादेश, तब माने ग्रामीण
करीब सवा ग्यारह बजे एसएसपी संजीव सुमन वहां पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों से वार्ता कर प्रतिमा समर्थक पक्ष से बातचीत कर उन्हें समझाया। साथ में शासनादेश की प्रति दिखाते हुए उन्हें बताया कि बिना अनुमति इस तरह प्रतिमा लगाने पर मुकदमा व कार्रवाई होगी। करीब आधा घंटे की बातचीत के बाद ग्रामीण माने। करीब 12:30 बजे प्रतिमा को वहां से हटाकर ग्राम प्रधान शारदा देवी के घर में रखवाया गया। एसएसपी ने गांव में पैदल मार्च कर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की और लोगों को समझाया।
विज्ञापन

प्रधानपति बोले- नहीं लगने देंगे प्रतिमा

प्रधान पति राजाबाबू ने बताया कि कुछ शरारती तत्वों ने पार्क में प्रतिमा की स्थापना कर दी। वह उस समय गांव से बाहर थे। गांव के बाहर बघेल समाज व प्रतिमा समर्थक पक्ष के लोगों में मामूली झगड़ा हुआ था। अब प्रतिमा को पार्क से हटवा कर अपने घर रखवा लिया है। उन्होंने बताया कि पांच वर्ष से यह पक्ष प्रतिमा लगाने के लिए प्रयासरत था।

रोरावर के बाद दूसरी घटना, जारी की गाइडलाइन
रोरावर के भीमपुर इब्राहिमपुर के बाद यह दूसरी घटना है। जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। इसे पंचायत चुनाव से जुड़ी खुराफात मानकर देखा जा रहा है। इसे लेकर गाइडलाइन जारी की गई है। जिसमें साफ कहा है कि बिना अनुमति कहीं भी किसी महापुरुष की प्रतिमा नहीं लगेगी। कोई ऐसा करना चाहता है तो उसे पहले डीएम के समक्ष आवेदन देना होगा। डीएम स्तर से सत्यापन सहित गृह विभाग को संस्तुति भेजी जाएगी। कोई संगठन या संस्था आवेदन कर रहा है तो उसे निकाय के प्रस्ताव की प्रति देनी होगी। इस पर रिपोर्ट डीएम-एसएसपी स्तर से भेजी जाएगी। तभी शासन से अनुमति के बाद प्रतिमा लग सकेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें