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Cyber Crime: पानी पूरी वाले के नाम से साइबर ठगी, दो जनसेवा केंद्र संचालक गिरफ्तार, एक साथी भागा

Mon, 23 Feb 2026 01:27 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

पुलिस रकम ट्रांसफर होने वाले खाते के स्वामी पानी पूरी विक्रेता तक पहुंची। उसने पूरी बात बताई कि वह तो पानी पूरी बेचता है। पिछले दिनों वह कस्बे के एक जनसेवा केंद्र पर उद्यम सर्टिफिकेट बनवाने गया था। तब वहां उसने सभी दस्तावेज केंद्र संचालक प्रशांत को दिए थे।
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साइबर ठगी में पकड़े गए आरोपी - फोटो : पुलिस
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विस्तार
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अलीगढ़ में अकराबाद कस्बे के दो जनसेवा केंद्र संचालक ग्राहकों के दस्तावेजों की मदद से साइबर ठगी कर रहे थे। उन्होंने एक पानी पूरी वाले के नाम से खाता खोलकर ठगी को अंजाम दिया। शिकायत पर जांच करते हुए साइबर सेल टीम ने दोनों जनसेवा केंद्र संचालकों को गिरफ्तार कर लिया। उनका एक साथी फरार हो गया।

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महुआ खेड़ा के व्यक्ति संग हुई ठगी के मामले में अकराबाद के दो लोग प्रकाश में आए, जिन्हें साइबर सेल की मदद से गिरफ्तार किया गया है। उनका साथी अभी फरार है।-गर्वित सिंह, सीओ बरला
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रिश्तेदार बताकर ठगे 40 हजार
महुआ खेड़ा इलाके के एक व्यक्ति ने 19 जनवरी को साइबर पोर्टल एनसीआरपी पर 40 हजार रुपये की ठगी की शिकायत की। बताया कि उन्हें किसी ने खुद का रिश्तेदार बताकर फोन किया। दुर्घटना में मदद के नाम पर 40 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। बाद में पता चला कि पीड़ित के रिश्तेदार सही हैं। इस मामले में शिकायत एनसीआरपी पोर्टल से महुआ खेड़ा व जिला साइबर सेल को ट्रांसफर हुई।

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पानी पूरी वाले ने खोला पूरा भेद
इस प्रकरण में जांच करते हुए पुलिस रकम ट्रांसफर होने वाले खाते के स्वामी अकराबाद कस्बे के पानी पूरी विक्रेता पीयूष तक पहुंची। उसने पूरी बात बताई कि वह तो पानी पूरी बेचता है। उसने बताया कि पिछले दिनों वह कस्बे के बालाजी जनसेवा केंद्र पर उद्यम सर्टिफिकेट बनवाने गया था। तब वहां उसने सभी दस्तावेज केंद्र संचालक प्रशांत को दिए थे। अंगूठे का निशान भी लगवाया। जब उसे बताया कि उद्यम पंजीकरण में अंगूठा नहीं लगाया जाता। तब उसे अंदेशा हुआ कि उन्होंने उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर यह ठगी की है। इस पर पुलिस प्रशांत तक पहुंची। साथ में उसके साथी करहला अकराबाद के पवन को भी दबोच लिया गया।

दोनों ने ठगी करना स्वीकारा
पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की तो उजागर हुआ कि प्रशांत व पवन ने मिलकर पानी पूरी विक्रेता पीयूष के दस्तावेजों से किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल नंबर लिंक कर एनएसडीएल बैंक में खाता खोला था। वह खाता पीयूष के ही नाम से खुला था। उसी खाते में ठगी की रकम मंगाई गई थी। उन्होंने बताया कि उन्हें खाता खोलने के लिए मोबाइल नंबर केलनपुर का सचिन उर्फ सुमित मुहैया करता है। पुलिस दबिश में वह फरार हो गया। इन दोनों के पास से दो लेपटॉप, चार बायोमैट्रिक मशीन, तीन मोबाइल फोन, एक कूटरचित आधार कार्ड व एक फर्जी पेन कार्ड बरामद किया गया।

छह अन्य खाते भी खोले, जिनमें मंगाए ढाई लाख
इन दोनों से पूछताछ में अभी इतना पता चला है कि इन्होंने पीयूष के दस्तावेजों के अलावा छह अन्य लोगों के दस्तावेजों से खाते खोले हैं। इनमें करीब ढाई लाख रुपये ठगी की रकम मंगाई गई है। इन सभी छह खाता नंबरों पर भी एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज है। पुलिस अब इनके लैपटॉप की मदद से अन्य ठगी के राज तलाश रही है।
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