आरोप है कि 24 अक्तूबर रात करीब नौ बजे प्रशांत व हर्षराज पक्ष के 10-12 युवक भगवान नगर में पहुंच गए और अभिषेक को पीटना शुरू कर दिया। अभिषेक को पिटता देख मोहल्ले के गोपाल ने बीचबचाव किया तो उन्हें भी पीट दिया, जिसे देख भीड़ उग्र हो गई। उन्होंने हमलावर होकर आए प्रशांत व हर्षराज पक्ष को घेरकर उन पर ईंट पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। खुद को घिरता देख हमलावर होकर आया पक्ष अपनी तीन बाइकें छोडक़र भाग गया। इस सूचना पर सीओ प्रथम, एसएचओ सासनी गेट आदि पहुंच गए। वहां भीड़ ने पुलिस के सामने जमकर नाराजगी जताई। मगर पुलिस के आने पर अभिषेक पक्ष के लोग भी भाग गए।
बाद में तनाव को देखते हुए इलाके में पुलिस लगा दी गई। साथ में पार्षद पुत्र से जुड़ा घटनाक्रम होने के कारण इलाके के कुछ व्यापारी व भाजपा नेता भी वहां पहुंच गए। देर रात पुलिस सीसीटीवी देखने में जुटी थी। क्षतिग्रस्त बाइकें थाने भेज दी गई थीं। सीओ प्रथम मयंक पाठक के अनुसार मामले में सीसीटीवी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को चिह्नित किया जा रहा है। साथ में कुछ आरोपी तलाशे भी जा रहे हैं।
रंगबाजी से जुड़ा विवाद, दोनों पक्षों के अपने अपने आरोप
यह घटना इलाके के युवा गुटों की रंगबाजी से जुड़ी है, जिसमें दोनों पक्षों के अपने-अपने आरोप हैं। एक तरफ अभिषेक पक्ष का कहना है कि दूसरे मोहल्ले के लोगों ने उस दिन हमारी गली में आकर पटाखे चलाए थे, मना करने पर झगड़ा हुआ था। वहीं हर्ष व प्रशांत पक्ष का कहना है कि बाइक निकालने पर विवाद हुआ था। आज प्रशांत उसी मोहल्ले में परिचित के घर मिठाई देने गया था, तभी वहां आमना सामना होने पर घेर लिया। वह हमलावर नहीं था, हमलावर होने का आरोप गलत है।