ग्रामीण ने दोनों को बंधा हुआ देखकर शोर मचाया तो बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। उन्होंने छात्राओं को बंधनमुक्त कराया फिर उन्हें पास ही एक निजी चिकित्सक के पास उपचार को ले गए। सूचना पर लोधा थाने के प्रभारी राजवीर सिंह परमार, सीओ गभाना डीएन मिश्रा आ गए। उन्होंने छात्राओं से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
सीओ डीएन मिश्रा के अनुसार दोनों छात्राओं ने बताया कि वे मेरठ की रहने वाली हैं और मेरठ के ही काॅलेज में पढ़ती हैं। इनमें एक छात्रा मूल रूप से मेरठ की रहने वाली है तो दूसरी मुजफ्फरनगर से आकर परिजनों के साथ किराये के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही है। छात्राओं के अनुसार दोनों 28 नवंबर दोपहर में काॅलोनी में ही स्थित एक कोचिंग सेंटर में कोचिंग करने जा रही थीं। इस बीच दोनों जब ढ़ाबे के पास पहुंची तभी उनके पास एक कार आकर रुकी। आरोप है कि कार में सवार तीन-चार युवकों ने उन्हें जबरन कार में बिठा लिया।
उन्होंने बचाव को शोर मचाया तो मुंह बंद कर लिया। छात्राओं के अनुसार इसके बाद उन्हें होश नहीं रहा कि कार सवार उन्हें कहां-कहां लेकर गए । जब होश आया तो खुद को खंडहर में पड़ा पाया। आरोप है कि पिछले कई दिनों से इलाके के ही कुछ लड़के उन्हें परेशान कर रहे थे और जबरन उन्हें डरा-धमकाकर उनका मोबाइल नंबर मांग रहे थे। कार में जबरन खींचकर लाने वाले वहीं युवक थे।
सीओ गभाना ने बताया कि इस मामले में परिजनों की ओर से थाना भावनपुर में छात्राओं की गुमशुदगी दर्ज करायी गई हैं। छात्राओं से जानकारी के बाद इनके परिजनों को सूचना दे दी गई । जहां से वे थाना भावनपुर पुलिस के साथ देर शाम लोधा थाना पहुंच गए। छात्राओं के बयान के आधार पर उन्होंने युवकों पर किसी तरह की मारपीट या अन्य किसी प्रकार के शारीरिक शोषण आदि का आरोप नहीं लगाया है। फिर भी अभी जांच की जा रही है।