मडराक स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में शनिवार को दो दर्जन छात्राएं फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गईं। जिन्हें तबियत बिगड़ने पर पहले विद्यालय में ही उपचार दिया गया। मगर संख्या बढ़ती देख स्टाफ के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन एंबुलेंसों की मदद से सभी को जिला अस्पताल लाया गया। इधर, खबर पर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन अधिकारी अस्पताल पहुंच गए। जहां देर रात प्राथमिक उपचार के बाद ज्यादातर बच्चियों को स्वास्थ्य लाभ होना बताया गया। मगर उन्हें अभी एहतियातन कुछ घंटे रोका गया है।
मडराक स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में 100 के करीब छात्राएं पढ़ती हैं। दुपहर में दलिया व भोजन खाने के बाद आधा दर्जन बच्चियों ने पेट में दर्द की शिकायत बताई। इस पर वहीं डॉक्टर बुलाकर उनका इलाज कराया गया। मगर कुछ ही देर में देखते ही देखते दो दर्जन छात्राओं की तबियत बिगड़ी। पहले तो डॉक्टर खुद नहीं समझ पाया। वहां सभी का इलाज किया जाने लगा। मगर पहले पेट दर्द, फिर डायरिया की शिकायत पर तत्काल एंबुलेंस मदद के लिए बुलाई गई। बच्चियों ने बातचीत में बताया कि खाने में दलिया व रोटी खाने के बाद यह स्थिति बनी है।
पीटीआई सुशील शर्मा व डॉक्टर ने तत्काल एंबुलेंस से 23 बच्चियों को जिला अस्पताल भिजवा दिया। साथ में विद्यालय की रसोई को डॉक्टर ने यह कहते हुए सील करा दिया कि इसका परीक्षण कराया जाएगा। वहां नमूने लिए जाएंगे, तभी स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर क्या ऐसा बना था, जिसके खाने से बच्चियों की तबियत खराब हुई। रात नौ बजे से 10 बजे तक जिला अस्पताल में हुए इलाज के बाद सभी को स्वास्थ्य लाभ बताया गया। एक-दो बच्चियों की तबियत में सुधार नहीं था।
बासी आटे की रोटी खिलाने की चर्चा
अलीगढ़। हालांकि इस बात की कोई पुष्टि नहीं कर रहा। मगर बच्चियों के बीच जो चर्चा थी, उसके मुताबिक उन्हें शुक्रवार के आटे की रोटी शनिवार को खिलाई गई हैं। इस बात पर कुछ अधिकारी यही तर्क दे रहे थे कि बच्चियां पढ़ाई से बचने को बेवजह इस तरह की बातें कर रही हैं।
यह बच्चियां हुईं बीमार
कुमकुम, सोनी, नाजिया, कुसुम, खुशी, अंशू, गमलेश, भारती, गौरी, शिवानी, मुस्कान, सानिया, शाइना, निशा, करीना, रिजवाना, खुशी, शिवानी, माधुरी, पूजा, अंजली, प्रियांशू आदि।