पिसावा के गांव पीपली और दादों के गांव खिरीरी मस्तीपुर में बुखार से एक बच्चे और एक बुजुर्ग की मौत हो गई। वहीं खिरीरी मस्तीपुर गांव में एक ही परिवार के करीब दस लोग बुखार की चपेट में हैं। बिजौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. नवीन कुमार ने बताया कि गांव में लगातार जांच और दवा वितरित कराई जा रही है। मंगलवार को टीम गांव भेजकर बुजुर्ग की मौत की जानकारी के साथ रोगियों को दवा दी जाएगी।
गांव खिरीरीमस्तीपुर में एक माह से बुखार फैला है। गांव के सतीश यादव ने बताया कि सोमवार की सुबह तेज बुखार आने पर उमाचरन (65) को उनके परिजन ने छर्रा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां शाम करीब चार बजे उनकी मौत हो गई। वह पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। सतीश यादव के अनुसार उनके परिवार में ही आठ-दस लोग बुखार से पीड़ित हैं। घर पर कोई पानी पिलाने वाला तक नहीं है। गांव के बुखार पीड़ित छर्रा, दादों, हरदोई और अलीगढ़ के निजी अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं।
पिसावा संवाददाता के अनुसार ग्रामसभा कारह कादिलपुर के मजरा पीपली निवासी रामू सिंह के पुत्र वंश (6) को एक माह पहले बुखार आया था। जट्टारी के बाद परिजन अलीगढ़ शहर में उसका इलाज करवा रहे थे। बुखार के दौरान ही उसे पीलिया हो गया। तबीयत में सुधार न होने पर परिजन उसे नोएडा ले गए, जहां इलाज के दौरान शनिवार की रात उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत से उसकी मां मां भारती देवी, बहन भूमि सहित अन्य परिजन का रो-रोकर बुरा हाल था।